March 8, 2026

ऊर्जा के संविदा कर्मियों को जल्द नियमित करे सरकार


देहरादून ।  उत्तराखंड हाइड्रो इलेक्ट्रिक इम्प्लाइज यूनियन ने ऊर्जा के तीनों निगमों के संविदा, आउटसोर्स, एसएचजी कर्मचारियों को जल्द नियमित किए जाने की मांग की। यूनियन के अधिवेशन में पदाधिकारियों ने जोर शोर से इस मांग को उठाया। इसके साथ ही प्रमोशन कोटा को 40 प्रतिशत से बढ़ा कर 50 प्रतिशत किए जाने की मांग की।
यूनियन के संरक्षक इंसारुल हक ने कहा कि ऊर्जा निगमों के निजीकरण की प्रक्रिया पर रोक लगाई जाए। राज्य के विकास को ऊर्जा के तीनों निगमों का एकीकरण किया जाए। ऐसा कर छोटे राज्य पर बढ़ रहे वित्तीय भार को कम किया जाए। संविदा, आउटसोर्स, एसएचजी कर्मियों के नियमितीकरण को हाईकोर्ट के आदेश को तत्काल लागू किया जाए। नियमित होने तक समान काम का समान वेतन सुनिश्चित कराया जाए। एसएचजी कर्मियों को भी उपनल की तरह विशेष ऊर्जा भत्ता और रात्रि पाली भत्ता दिया जाए।
प्रांतीय अध्यक्ष केहर सिंह ने कहा कि ठेकेदार, एजेंसी के माध्यम से तैनात कार्मिकों को श्रम विभाग के आदेशों के अनुरूप वेतन भत्ते प्रदान किए जाएं। नियमानुसार साप्ताहिक अवकाश समेत राष्ट्रीय अवकाश का भी लाभ दिया जाए। तीनों ऊर्जा निगमों में 30 सितम्बर 2005 तक विज्ञापित, अधिसूचित पदों पर नियुक्त कार्मिकों को भी राज्य सरकार के कार्मिकों के अनुरूप पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए। महामंत्री प्रभुनाथ सिंह ने कहा कि टीजी वन और टीजी टू के पदों का संविलियन कर पद का नाम तकनीशियन रखा जाए। पदोन्नति कोटा बढ़ा कर 50 प्रतिशत किया जाए। अधिवेशन में तीनों निगमों के मैनेजमेंट ने मांगों के निस्तारण का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर एमडी यूजेवीएनएल संदीप सिंघल, एमडी यूपीसीएल अनिल कुमार, निदेशक कमल शर्मा, विनय मिश्रा, जीएस बुद्धियाल, विमल कुमार, वीके त्रिवेदी, अशोक टंडन, राकेश शर्मा, सुनील तंवर, विकास बहुगुणा, डीके शर्मा, प्रदीप कंसल, चित्र सिंह, पंकज सैनी, सुनील मोघा, कवि, विनोद गोदियाल आदि मौजूद रहे।

बंद की जाए वेतन कटौती, रिकवरी   :  कर्मचारी नेता राकेश शर्मा ने कहा कि छह जनवरी 2022 के अनुसार जिन कर्मचारियों, पेंशनरों का मूल वेतन कम हो रहा है, उन सभी कर्मचारियों की वेतन कटौती बंद किए जाने के साथ ही उन्हें रिकवरी से मुक्त किया जाए।
अन्य मांगे
 – चतुर्थ श्रेणी कार्मिकों को पहले की तरह तीसरी एसीपी 4600 मंजूर की जाए।
 – अप्रैल 2020 के बाद नियुक्त कर्मचारियों को भी बिजली टैरिफ की सुविधा पहले की तरह प्रदान की जाए।
 – सातवें वेतन में ग्रेड वेतन 2600 के पदों पर नियुक्ति पाने वाले कार्मिकों को ग्रेड वेतन 3000 को नॉन फंक्शनल करते हुए तीसरी एसीपी 6600 ग्रेड वेतन प्रदान की जाए।
 – तीनों ऊर्जा निगमों में नवसृजित जोन, मण्डल, खण्ड, उपखण्ड कार्यालयों में यार्डस्टिक के अनुसार पद सृजित किए जाएं।मुख्यालय में कार्यरत सभी कार्मिकों को सचिवालय की भांति मुख्यालय भत्ता दिया जाए।
 – वेतन विसंगतियों को तत्काल दूर किया जाए।