नगर पंचायत अध्यक्ष गरुड़ का मामला पहुंचा जिला न्यायालय
बागेश्वर। । नगर पंचायत गरुड़ के प्रथम अध्यक्ष के निर्वाचन का मामला शुरू से विवादों में रहा। मतगणना के दिन भाजपा कार्यकर्ताओं प्रदर्शन कर मतगणना में अनियमितता का आरोप लगाया। अब मामला जिला न्यायालय पहुंच गया है। न्यायालय ने सभी पक्षकारों को नोटिस जारी कर 24 फरवरी को न्यायालय में जवाब दाखिल करने को कहा है। गरुड़ में पहली बार नगर पंचायत के लिए गत माह 23 जनवरी को मतदान हुआ। 25 जनवरी को मतगणना हुई। कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी भावना वर्मा ने 37 मतों से जीत दर्ज की। भावना वर्मा को 1355, भाजपा प्रत्याशी ललिता वर्मा को 1318 व निर्दलीय नीमा वर्मा को 76 मत मिले। चार मत नोटा को मिले और 110 मत अवैध पाए गए। भाजपा प्रत्याशी ललिता वर्मा ने मतगणना में अनियमितता और कांग्रेस प्रत्याशी पर झूठा शपथ पत्र देने का आरोप लगाते हुए निर्वाचन को चुनौती दी है। उन्होंने दोबारा मतगणना किए जाने की मांग की है। अधिवक्ता नरेंद्र कोरंगा ने बताया कि न्यायालय ने ललिता वर्मा की याचिका को स्वीकार करते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी नगर पंचायत चुनाव, जिला बागेश्वर, निर्वाचन अधिकारी नगर पंचायत गरुड़, उत्तराखंड राज्य जरिए जिलाधिकारी बागेश्वर, नवनिर्वाचित अध्यक्ष भावना वर्मा, निर्दलीय प्रत्याशी नीमा वर्मा को नोटिस भेजकर 24 फरवरी को अपना जवाब दाखिल करने को कहा है।
