गरुड़ के गौरव : मोहन जोशी को शेर सिंह बिष्ट अनपढ़,गोपाल भट्ट को मिलेगा गुमानी पंत पुरस्कार
बागेश्वर गरुड़ । गरुड़ तहसील के दो साहित्यकारों को भाषा संस्थान उत्तराखंड तीन मार्च को उत्तराखंड साहित्य सम्मान से सम्मानित करेगा। मोहन जोशी को शेर सिंह बिष्ट अनपढ़ और गोपाल दत्त भट्ट को गुमानी पंत पुरस्कार से नवाजा जाएगा। इस उपलब्धि पर जिले के साहित्यकारों ने खुशी जताई है। भाषा संस्थान के निदेशक स्वाति एस भदौरिया के हस्ताक्षर से जारी पत्र के अनुसार मोहन जोशी को उनकी पुस्तक शिव काव्या के लिए सम्मान दिया जाएगा। कार्यक्रम तीन मार्च को आईआरडीटी सभागार सर्वे चौक देहरादून में होगा। इसके तहत एक लाख रुपये व सम्मान पत्र व अंगवस्त्र दिया जाएगा। इसी तहसील के वरिष्ठ साहित्यकार गोपाल दत्त भट्ट को गुमानी पंत पुरस्कार से नवाजा जाएगा। उन्हें एक लाख, 51 हजार रुपये, सम्मान पत्र व अंगवस्त्र भेंट किया जाएगा। यह पुरस्कार उन्हें गोकुल अपना गांव, वक्त की पुकार, आदमी के हाथ, गहरे पानी पैठ, धरतीक पीढ़, फिर आल फागुन, हिटने रवों हिटने रवों किताब प्रकाशन पर मिलेगा। इसके अलावा एक सौ कविताओं का संग्रह प्रकाशित होने वाली है। इसका स्व. मथुरादत्त मठपाल ने गोपाल दत्त भट्ट की कुमाउंनी कविताओं का हिंदी अनुवाद किया है।
क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता व साहित्यकारों ने उन्हें बधाई दी हैं।
जिनमे डॉ. हेम चंद्र दुबे, रतन सिंह किरमोलिया, डॉ. गिरीश अधिकारी, ललित फर्स्वाण, एडवोकेट हरीश भट्ट, उमेश पांडे, भरत फर्स्वाण, दीवान नेगी, अर्जुन राणा, चंद्रशेखर बड़सीला, नंदन सिंह अल्मिया, प्रेमा भट्ट प्रमुख है ।
