March 21, 2026

यूएसएड से 7 प्रोजेक्ट के लिए 65 अरब फंड आया लेकिन वोटिंग बढ़ाने के लिए नहीं, वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट हुआ खुलासा


नई दिल्ली ।  यूएसएड फंडिंग पर वित्त मंत्रालय ने एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में फंड से जुड़ी सारी डिटेल्स की जानकारी दी गई है कि यूएसएड ने कितनी फंडिंग और उस फंड का इस्तेमाल कहां कहां हुआ? फाइनेंस मिनिस्ट्री की रिपोर्ट में बताया गया है कि स््रढ्ढष्ठ ने वित्त वर्ष 2023-24 में भारत में 7 प्रोजेक्ट्स के लिए 750 मिलियन डॉलर यानी करीब 65 अरब की फंडिंग की। इस दौरान वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के कोई फंडिंग नहीं की गई।
 रिपोर्ट के मुताबिक, स््रढ्ढष्ठ की फंडिंग कृषि और खाद्य सुरक्षा, जल, स्वच्छता और साफ-सफाई, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजास्टर मैनेजमेंट और हेल्थ से संबंधित प्रोजेक्ट्स के लिए थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को अमेरिका से 1951 में मदद मिलनी शुरू हुई थी। स््रढ्ढष्ठ की ओर से अब तक भारत को 555 प्रोजेक्ट के लिए 1700 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद मिल चुकी है।
दरअसल, इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी सरकारी दक्षता विभाग यानी ष्ठह्रत्रश्व ने खुलासा किया कि यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (स््रढ्ढष्ठ) ने भारत में वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के लिए 21 मिलियन डॉलर का अनुदान दिया था। एलन मस्क वाले डिपार्टमेंट ष्ठह्रत्रश्व के इस खुलासे के बाद भारत में सियासी घमासान छिड़ गया। इसके बाद ट्रंप ने कहा कि हम भारत को वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के लिए 21 मिलियन डॉलर की मदद दे रहे हैं लेकिन हमारा क्या। उन्होंने ये भी कहा कि भारत को फंड की कोई जरूरत नहीं है। उसके पास बहुत ज्यादा पैसा है। ऐसे में हम भारत को चुनाव में मदद के लिए 21 मिलियन डॉलर की मदद क्यों दें?
स््रढ्ढष्ठ फंडिंग विवाद पर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से दी गई सूचना चिंताजनक है। सरकार इसकी जांच कर रही है। अगर ऐसा कुछ है तो मेरा मानना है कि देश को पता होना चाहिए कि दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों में कौन लोग शामिल हैं।