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October 17, 2026

उत्तराखण्ड में भी आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिये आरक्षण हुआ लागू

देहरादून ( आखरीआंख समाचार ) अपर मुख्य सचिव, कार्मिक एवं सतर्कता राधा रतूड़ी ने बताया कि भारत सरकार द्वारा संविधान संशोधन के उपरान्त आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। इसी क्रम में उत्तराखण्ड सरकार द्वारा भी 5 फरवरी को ‘‘उत्तराखण्ड लोक सेवा (आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिये आरक्षण) अध्यादेश’’ लागू कर दिया गया है।
इस प्रकार केन्द्र सरकार तथा गुजरात सरकार के बाद उत्तराखण्ड देश में दूसरा राज्य है, जहां उक्त आरक्षण लागू किया गया है। प्रदेश के बेरोजगार शिक्षित युवाओं के लिये यह अच्छी खबर है, जिसके अन्तर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग भी आरक्षण का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि यह अध्यादेश समस्त विभागों, उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग तथा अधीनस्थ सेवा चयन आयोग को प्रेषित किया गया है, ताकि इस पर तत्काल अधियाचन एवं विज्ञप्ति जारी की जाये तथा अधिक से अधिक बेरोजगार नौजवानों को शीघ्र रोजगार प्राप्त हो सके। इसके तहत लोक सेवाओं और पदों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो के पक्ष में उत्तराखण्ड राज्य के उन स्थायी निवासियों को आरक्षण प्राप्त होगा, जो अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और सामाजिक तथा शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गो के लिए आरक्षण की मौजूदा योजना के अन्तर्गत सम्मिलित नहीं है। ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो के व्यक्ति जिनके परिवारों की सभी स्रोतों से कुल वार्षिक आय रु 8.00 लाख से कम हो आरक्षण के इस प्रयोजन के लिए आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो में चिन्हित हैं। परिवार, की आय में सभी स्रोतों से अर्थात् वेतन, कृषि, व्यवसाय, पेशा आदि से प्राप्त आय सम्मिलित होगी। उक्त आय लाभार्थी द्वारा आवेदन के वर्ष से पूर्व वित्तीय वर्ष के लिए आय होगी।
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