शराब की दुकान के विरोध में दसवें दिन भी आंदोलन रहा जारी

अल्मोड़ा । बिनसर महादेव धाम के निकट सोनी, देवलीखेत और जालिखान में शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में चल रहा क्रमिक अनशन दसवें दिन और तेज हो गया। कृषक कृषि बागवानी और उद्यमी संगठन के महासचिव दीपक करगेती ने आंदोलन को व्यापक रूप देने और जनजागरण अभियान को हर ब्लॉक और गांव तक पहुंचाने का निर्णय लिया। दीपक करगेती ने कहा कि अब समाज को जागरूक करने का समय आ गया है। धार्मिक स्थलों के पास शराब की दुकानें खोलकर आस्था को नशे के व्यापार से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगी तो कल जागेश्वर धाम और गोल्ज्यू महाराज के निकट भी शराब के ठेके खोलने में देर नहीं लगेगी। उन्होंने प्रशासन और सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि नीतिगत रूप से कृषि, बागवानी, पशुपालन और पर्यटन को बढ़ावा देने की जरूरत थी, लेकिन इसके बजाय शराब और खनन से राजस्व बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इस बीच, अनशनकारियों को वार्ता के लिए संयुक्त मजिस्ट्रेट रानीखेत राहुल आनंद द्वारा मुख्यालय बुलाया गया, लेकिन दीपक करगेती ने इसे ठुकरा दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शराब ठेकों के निरस्तीकरण का आदेश शासन स्तर से आना है, ऐसे में स्थानीय प्रशासन से वार्ता का कोई औचित्य नहीं। उन्होंने कहा कि यदि वार्ता करनी है तो पहले निरस्तीकरण का आदेश मंगवाया जाए। जनजागरण अभियान में हेमंत रौतेला, हिमांशु आर्या, दीपक बिष्ट, शिक्षिका गीता पंवार, देव सिंह, कैलाश और जानकी उपाध्याय समेत कई लोग शामिल रहे।