बैजनाथ पुलिस पहुँची दूरस्थ गाँव सिमपुर भिटारकोट
गरुड़, बागेश्वर। जनसुरक्षा को मजबूत करने और ग्रामीण समाज को कानून के प्रति जागरूक बनाने की दिशा में कोतवाली बैजनाथ पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए दूरस्थ ग्राम क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र मेहरा के कुशल निर्देशन में “सुरक्षित समाज–सजग नागरिक” की अवधारणा को साकार करने के उद्देश्य से 12 मार्च 2026 को यह अभियान संचालित किया गया। इस दौरान हाल ही में राजस्व पुलिस व्यवस्था से नियमित पुलिस क्षेत्र में शामिल हुए ग्रामों का भ्रमण कर ग्रामीणों को सुरक्षा, कानून और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के अंतर्गत प्रभारी कोतवाली बैजनाथ द्वारा दूरस्थ ग्राम पंचायत थाकला के अंतर्गत ग्राम सभा थाकला, सिमपुर तथा भिटारकोट में ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर गोष्ठियों का आयोजन किया गया। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को बताया कि उनके गांव अब नियमित पुलिस व्यवस्था के अंतर्गत आ चुके हैं, जिससे उन्हें कानून व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़ी सेवाएं अधिक प्रभावी रूप से उपलब्ध होंगी। इस अवसर पर ग्रामीणों को पुलिस हेल्पलाइन नंबरों और संपर्क सूत्रों की जानकारी देते हुए किसी भी प्रकार की समस्या अथवा शिकायत को निसंकोच पुलिस तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
गोष्ठी के दौरान पुलिस टीम ने साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे पर विशेष रूप से प्रकाश डालते हुए ग्रामीणों को फर्जी कॉल, ऑनलाइन ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी से बचाव के उपाय बताए। साथ ही किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना देने की सलाह दी गई। इसके अतिरिक्त ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त ग्राम की दिशा में सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को यह भी अवगत कराया कि बाहरी व्यक्तियों, घुमंतू साधुओं अथवा संदिग्ध गतिविधियों वाले व्यक्तियों के गांव में आने की सूचना तत्काल पुलिस को दी जाए। यदि कोई ग्रामीण किसी बाहरी व्यक्ति को किरायेदार के रूप में रखता है तो उसका पुलिस सत्यापन अनिवार्य रूप से कराया जाना चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को निशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया और विधिक सहायता केंद्र के हेल्पलाइन नंबर 15100 की जानकारी दी गई। साथ ही बाल विवाह की कुप्रथा के विरुद्ध जागरूक करते हुए बच्चों से जुड़े अपराधों की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर देने के लिए प्रेरित किया गया। आपातकालीन परिस्थितियों में तुरंत सहायता प्राप्त करने के लिए 112 नंबर की जानकारी भी साझा की गई।
इसके साथ ही महिलाओं के अधिकारों, महिला सुरक्षा कानूनों तथा घरेलू हिंसा से बचाव से संबंधित प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई और महिला हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली से भी ग्रामीणों को अवगत कराया गया। इस जागरूकता अभियान को ग्रामीणों ने सराहा और पुलिस प्रशासन के इस प्रयास को गांवों में सुरक्षा और विश्वास की नई पहल बताया।
