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November 7, 2026

शेयर बाजार की गिरावट में नई लिस्टेड कंपनियों का निकला दम, 50 प्रतिशत अपने इश्यू प्राइस से भी नीचे


नई दिल्ली। । भारतीय शेयर बाजार में पिछले साल सितंबर से शुरुआत हुई गिरावट में नई लिस्टेड आधी से अधिक कंपनियों के शेयर प्राइस अपने इश्यू प्राइस से नीचे फिसल गए हैं।
पिछले वित्त वर्ष में करीब 78 कंपनियों के आईपीओ आए थे, जिन्होंने संयुक्त रूप से 1.6 लाख करोड़ रुपये का फंड जुटाया था। इनमें से करीब 34 कंपनियों के शेयर अपने इश्यू प्राइस से नीचे आ चुके हैं। वहीं, 10 शेयर जो कि डिस्काउंट पर लिस्ट हुए थे, अभी भी इश्यू प्राइस के नीचे कारोबार कर रहे हैं।
इसके अलावा, बाकी के 24 शेयर जो उच्चतम स्तर पर खुले थे, अपनी बढ़त खो चुके हैं।
गोदावरी बायोरिफाइनरीज, कैरारो इंडिया और वेस्टर्न कैरियर्स इंडिया के शेयर अपने इश्यू प्राइस से 50 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं।
सरस्वती साड़ी डिपो, टॉलिन्स टायर्स, श्री तिरुपति बालाजी एग्रो ट्रेडिंग, एक्मे फिनट्रेड, इकोस इंडिया मोबिलिटी एंड हॉस्पिटैलिटी, सुरक्षा डायग्नोस्टिक और बाजार स्टाइल रिटेल के शेयर अपने इश्यू प्राइस से 40 से 50 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे हैं।
इन आईपीओ में करीब 10 ऐसे शेयर हैं, जिनकी लिस्टिंग मजबूत हुई थी, लेकिन उन्होंने सभी लिस्टिंग गेन खो दी है, इसमें ममता मशीनरी, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, यूनिकॉमर्स ई-सॉल्यूशंस, यूनिमेक एयरोस्पेस एंड मैन्युफैक्चरिंग और डी डेवलपमेंट इंजीनियर्स का नाम शामिल है।
गिरावट के बाद भी कुछ आईपीओ ने निवेशकों को लिस्टिंग गेन के अतिरिक्त भी रिटर्न दिया है। इसमें केआरएन हीट एक्सचेंजर और रेफ्रिजरेशन, भारती हेक्साकॉम, क्वाड्रेंट फ्यूचर टेक और ओरिएंट टेक्नोलॉजीज का नाम शामिल है।
खास बात यह है कि इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) को लेकर लोगों में रुझान बढ़ा है। वित्त वर्ष 24 में हर आईपीओ को औसत 64 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था, जो कि वित्त वर्ष 22 में 16 गुना था।
सेंसेक्स सितंबर के 85,978.25 उच्चतम स्तर से करीब 10 प्रतिशत नीचे फिसल गया है। बीते छह माह में बीएसई सूचकांक में 7.5 प्रतिशत की गिरावट हुई है।

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