May 10, 2026

जनता को मिले सर्वोत्तम उपचार ,जिलाधिकारी ने जिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, दी महत्वपूर्ण हिदायतें

बागेश्वर। जनपद की जनता को सुलभ, समुचित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने शुक्रवार को जिला अस्पताल बागेश्वर का औचक निरीक्षण किया। यह निरीक्षण न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लेने का प्रयास था, बल्कि प्रशासन की उस संकल्पबद्धता का प्रतीक भी था, जिसके तहत प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध एवं गरिमामयी चिकित्सा सुविधा प्रदान करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल के ओपीडी काउंटर, जन औषधि केंद्र, आपातकालीन इकाई, पंजीकरण केंद्र, शौचालय, बाहरी परिसर और विभिन्न वार्डों का सूक्ष्म निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की स्थिति का गहन मूल्यांकन किया। उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सुधारात्मक कार्यवाही तत्काल आरंभ करने के निर्देश दिए।

व्यवस्थाओं में पारदर्शिता एवं तकनीक का समावेश

जिलाधिकारी ने सबसे पहले ओपीडी पंजीकरण काउंटर पर पहुंचकर वहां की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को प्रतीक्षा में असुविधा न हो, इसके लिए टोकन प्रणाली को अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और डिजिटल बनाया जाए। उन्होंने डिजिटल सूचना बोर्ड और टीवी पैनल की स्थापना हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को डॉक्टरों की उपलब्धता, टोकन स्थिति और विभागीय सूचनाएं सहजता से प्राप्त हो सकें।

उनका कहना था कि डिजिटल माध्यमों के उपयोग से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि मरीजों और तीमारदारों के बीच भ्रम की स्थिति का भी निवारण होगा।

औषधि संकट पर जताई चिंता, दी त्वरित कार्रवाई की आश्वस्ति

अस्पताल में मूलभूत औषधियों की अनुपलब्धता को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों से तत्काल जवाब-तलब किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शासन स्तर पर वार्ता कर समस्त आवश्यक दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी।

कर्मचारी उपस्थिति एवं निगरानी प्रणाली पर विशेष बल

चिकित्सकों एवं स्टाफ की उपस्थिति के संदर्भ में उन्होंने बायोमैट्रिक प्रणाली की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित चिकित्सकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाए।

सीसीटीवी निगरानी प्रणाली की समीक्षा के दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले कैमरों की स्थापना हेतु आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के आदेश दिए।

स्वच्छता और सुविधा में लापरवाही पर असंतोष

अस्पताल परिसर की स्वच्छता व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने सम्पूर्ण परिसर की शीघ्र सफाई के निर्देश दिए। उन्होंने शौचालयों की दुर्दशा को गम्भीरता से लेते हुए इसे स्वास्थ्य संस्थानों की मूलभूत आवश्यकता बताया और किसी भी प्रकार की लापरवाही को अस्वीकार्य करार दिया।

प्रतीक्षा कक्ष की अनुपलब्धता पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने तीमारदारों एवं मरीजों के लिए उचित बैठने की व्यवस्था कराने को कहा। इसके अतिरिक्त भीड़ प्रबंधन एवं सीमित स्थान के प्रभावी उपयोग के लिए एक व्यवहारिक स्पेस मैनेजमेंट योजना तैयार करने को भी कहा गया।

जन संवाद से जानी जमीनी सच्चाई

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मरीजों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और यथासंभव समाधान की दिशा में आश्वस्त किया। उन्होंने मरीजों की व्यथाओं को प्रशासनिक संवेदना के साथ ग्रहण करते हुए तत्काल राहत पहुंचाने पर बल दिया।

आवश्यक ढाँचागत सुधार के निर्देश

उन्होंने पार्किंग स्थल की कमी को गंभीर समस्या मानते हुए वैकल्पिक व्यवस्था पर कार्य करने के निर्देश दिए। साथ ही आपातकालीन स्थितियों हेतु 24×7 ‘वन-पॉइंट हेल्प डेस्क’ की स्थापना के आदेश भी दिए। अस्पताल भवन में फैली सीलन की समस्या को दृष्टिगत रखते हुए उन्होंने संबंधित निर्माण एजेंसी को त्वरित समाधान हेतु निर्देशित किया।

इस अवसर पर डॉ. राजीव उपाध्याय, डॉ. डी. पी. शुक्ला, डॉ. दीपक कुमार सहित अन्य चिकित्सक एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

“जनसेवा ही सर्वोच्च सेवा” — जिलाधिकारी

जिलाधिकारी आशीष भटगांई ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिला अस्पताल आमजन की सेवा का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र है और प्रशासन इसे अपनी “नंबर एक प्राथमिकता” मानता है। उन्होंने दोहराया कि जनपद के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ और समयबद्ध चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन का संकल्प है, और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी