देवनाई कांड: इलेट्रॉनिक फोरेंसिक टीम मौका ऐ वारदात पर, पेड़ से लटका मिला शव, जिला पंचायत प्रत्याशी / निवर्तमान प्रधान पर हत्या का केस दर्ज, चुनावी रंजिश की आशंका
गांव में तनाव, ग्रामीणों ने की आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, फॉरेंसिक टीम जुटा रही सबूत
बागेश्वर/गरुड़ । उत्तराखंड के बागेश्वर जिले के गरुड़ ब्लॉक स्थित देवनाई गांव में एक व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।
मृतक के परिजनों ने इसे आत्महत्या न मानते हुए हत्या करार दिया है। पुलिस ने जांच के बाद जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी और पूर्व ग्राम प्रधान के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला?
देवनाई गांव निवासी भूपाल सेन (50) पुत्र अमर सेन का शव 30 जून को गांव से लगभग डेढ़ किमी दूर जंगल में एक पेड़ से लटका मिला था। मृतक के शरीर पर चोटों के निशान पाए गए, जिससे आत्महत्या की थ्योरी पर सवाल खड़े हो गए।
स्थानीय लोगों और मृतक के भाई रमेश सेन ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी हैं।
जिला पंचायत चुनाव और रंजिश का एंगल
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि यह मामला चुनावी रंजिश से जुड़ा हो सकता है। मृतक के भाई का आरोप है कि कृष्णा पांडे, जो अंणा सीट से जिला पंचायत सदस्य पद का प्रत्याशी है और पूर्व में ग्राम प्रधान रह चुका है, ने अपने साथियों संग मिलकर भूपाल सेन की हत्या कर दी।
पुलिस ने आरोपी कृष्णा पांडे और उसके साथियों के खिलाफ धारा 103/238 के तहत मामला दर्ज किया है।
फॉरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत
थानाध्यक्ष प्रताप सिंह नगरकोटी ने बताया कि फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और अहम साक्ष्य जुटाए गए हैं। शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया है।
पुलिस का कहना है कि आरोपियों के विरुद्ध साक्ष्य जुटाने पर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
ग्रामीणों का आक्रोश, थाने पर प्रदर्शन
घटना के बाद देवनाई गांव में तनावपूर्ण माहौल है। बड़ी संख्या में ग्रामीण बैजनाथ थाने पहुंचे और हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि भूपाल सेन आत्महत्या नहीं कर सकता था। उसके शरीर पर मिले निशान स्पष्ट रूप से हिंसा की ओर इशारा करते हैं।
क्या बोले अधिकारी?
पुलिस उपाधीक्षक लाल साह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तर से जांच कराई जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राथमिकी साक्ष्य और परिजनों के बयान के आधार पर केस दर्ज किया गया है और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आत्महत्या / हत्या की गम्भीरता
इस उलझते जा रहे केस को बैजनाथ पुलिस भी गम्भीरता से ले रही हैं। इसको इसी बात से समझा जा सकता हैं कि पुलिस टीम लगभग हर दिन मौका मुआयना व ठोस सबूत जुटाने गाँव व घटना स्थल का दौरा कर रही है।
थानाध्यक्ष नगरकोटी ने बताया कि उनकी टीम आज अभी इलेक्ट्रॉनिक फोरेंसिक टीम के साथ घटना स्थल पर मौजूद है। वही पोस्टमार्टम 2 डॉक्टरों के पैनल द्वारा किये जाने को भी काफी अहम माना जा रहा हैं।
देवनाई गांव की यह घटना केवल एक व्यक्तिगत क्षति नहीं, बल्कि पंचायत चुनावों के बीच गंभीर राजनीतिक तनाव और संभावित साजिश की ओर भी इशारा करती है। अब यह देखना अहम होगा कि जांच किस दिशा में जाती है और क्या आरोप सिद्ध हो पाते हैं।
