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October 14, 2026

अमेरिका जाना होगा महंगा! वीजा फीस में दोगुनी से भी ज्यादा बढ़ोतरी, भारतीयों की जेब पर पड़ेगा भारी असर


न्यूयॉर्क । अमेरिका में पढ़ाई करने, घूमने या काम करने का सपना देख रहे भारतीयों के लिए एक बड़ी और चिंताजनक खबर है। अमेरिका ने वीजा नियमों में एक बड़ा बदलाव करते हुए ‘वीजा इंटीग्रिटी फीÓ नाम का एक नया शुल्क लगाने की घोषणा की है, जिससे वीजा की लागत दोगुनी से भी ज्यादा हो सकती है। यह नया नियम 2026 से लागू होने की संभावना है और यह पर्यटकों, छात्रों, और टेक्नोलॉजी पेशेवरों सहित लगभग सभी गैर-आप्रवासी वीजा आवेदकों पर लागू होगा।
क्या है ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिलÓ?
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 4 जुलाई, 2025 को ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिलÓ नामक एक कानून पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत यह नई फीस पेश की गई है। इस कानून के मुताबिक, लगभग हर गैर-आप्रवासी वीजा के लिए 250 डॉलर (करीब 21,400 रुपये) की अतिरिक्त ‘वीजा इंटीग्रिटी फीÓ चुकानी होगी। यह फीस एक तरह के सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में ली जाएगी और इसे हर साल महंगाई के हिसाब से बढ़ाया जाएगा, जिसका मतलब है कि भविष्य में यह बोझ और भी बढ़ सकता है।
किस वीजा पर कितना पड़ेगा असर?
यह नई फीस बी1/बी2 (पर्यटक/बिजनेस), एफ/एम (छात्र), एच1बी (वर्क) और जे (एक्सचेंज) वीजा जैसी सभी प्रमुख श्रेणियों पर लागू होगी। केवल राजनयिक (ए और जी श्रेणी) वीजा धारकों को इससे छूट मिलेगी।
इस बढ़ोतरी का असर यह होगा कि वर्तमान में लगभग 185 डॉलर (करीब 16,000 रुपये) की बी1/बी2 वीजा फीस, नई इंटीग्रिटी फीस और अन्य शुल्कों (जैसे आई-94 और ईएसटीए फीस) को मिलाकर लगभग 472 डॉलर (करीब 40,456 रुपये) तक पहुंच सकती है। यह मौजूदा लागत से लगभग ढाई गुना ज्यादा है।
क्या वापस मिलेगी यह फीस?
सरकार का कहना है कि यह वीजा इंटीग्रिटी फीस कुछ शर्तों के साथ वापस (रिफंड) की जा सकती है। इसके लिए आवेदक को अपने वीजा की अवधि समाप्त होने के पांच दिनों के भीतर अमेरिका छोड़ना होगा और इस दौरान वीजा विस्तार या स्टेटस बदलने के लिए आवेदन नहीं करना होगा। हालांकि, ये शर्तें काफी सख्त हैं, खासकर उन छात्रों और पेशेवरों के लिए जिनका वीजा कई वर्षों का होता है। ऐसे में उनकी बड़ी रकम लंबे समय तक फंसी रह सकती है।
भारतीयों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर
इस फैसले का सबसे बड़ा असर भारतीय छात्रों, पर्यटकों और आईटी पेशेवरों पर पड़ेगा, जो हर साल लाखों की संख्या में अमेरिका जाते हैं। छात्रों के लिए, जो पहले से ही ट्यूशन फीस और रहने के भारी खर्च का बोझ उठाते हैं, यह अतिरिक्त शुल्क एक बड़ा झटका होगा। आव्रजन सलाहकारों का मानना है कि इस बढ़ोतरी के कारण लोग कनाडा, ऑस्ट्रेलिया या यूरोपीय देशों जैसे विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।
क्यों लगाया गया यह शुल्क?
ट्रंप प्रशासन का तर्क है कि यह शुल्क वीजा नियमों का पालन सुनिश्चित करने और अवैध अप्रवासन को रोकने के लिए लाया गया है। सरकार का मानना है कि इससे लोग वीजा की शर्तों का उल्लंघन करने से बचेंगे। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम वैध रूप से यात्रा करने वाले आम लोगों, विशेषकर भारत जैसे विकासशील देशों के नागरिकों के लिए एक बड़ी वित्तीय बाधा पैदा करेगा। इस घोषणा के बाद 2025 के अंत तक वीजा आवेदनों में भारी भीड़ बढ़ने की भी आशंका है, क्योंकि लोग नई फीस लागू होने से पहले ही अपना वीजा सुरक्षित कर लेना चाहेंगे।

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