हरेला पर्व पर देवकी लघु वाटिका ने बाटे पौधें, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
बागेश्वर । उत्तराखंड की पावन भूमि पर मनाया जाने वाला हरेला पर्व अब न केवल प्रदेश में, बल्कि विश्व स्तर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश बनकर उभर रहा है। इसी कड़ी में देवकी लघु वाटिका ने परंपरा को निभाते हुए इस वर्ष भी हरेला पर्व को विशेष रूप से मनाया।
82 वर्षीय पर्यावरण संरक्षक श्रीमती देवकी देवी, जो वाटिका की मुख्य संरक्षक हैं, ने इस अवसर पर कई विद्यालयों, ग्रामीणों, युवाओं, छात्र-छात्राओं, विभिन्न संगठनों और विभागों को हरेला पर्व की शुभकामनाएँ देते हुए चंदन, बेलपत्र, परिजात, जामुन, नींबू, कटहल, अमरूद, बांस, तिमूल, च्यूरा, कौल और सीलिंग जैसी विभिन्न प्रजातियों के पौधे भेंट किए।
देवकी देवी ने सभी से अपील की कि वे इन पौधों की देखभाल अपने पाल्यों की तरह करें और पहले लगाए गए पौधों की भी नियमित रूप से सुरक्षा करें। उन्होंने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि जीवन और प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है।
इस अवसर पर किशन सिंह मलड़ावृक्ष ‘वृक्ष पुरुष’ ने भी लोगों से प्रति व्यक्ति कम से कम एक पेड़ लगाने और उसकी आजीवन सुरक्षा का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाना ही पर्याप्त नहीं है, उन्हें बचाना और सींचना भी हमारी जिम्मेदारी है।
हरेला पर्व की इस पहल ने एक बार फिर साबित किया कि उत्तराखंड की यह अनमोल परंपरा, पर्यावरण संरक्षण के वैश्विक आंदोलन में एक प्रेरणास्रोत बनती जा रही है
