फूलों की घाटी को विश्व धरोहर बने हुए 20 वर्ष
चमोली ।। फूलों की घाटी नेशनल पार्क को विश्व धरोहर बने हुए गुरुवार को 20 वर्ष पूरे हो गए हैं। 17 जुलाई 2005 को युनेस्को ने इसे विश्व धरोहर का दर्जा दिया था । 20 वर्ष होने पर नन्दा देवी वन प्रभाग जोशीमठ ने अपने नेचर सैंटर में नगर के विविध विद्यालयों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्यनरत छात्र छात्राओं के बीच पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया, वन विभगा के अधिकारियों ने स्कूली बच्चों को फूलों की घाटी के बारे में व यहां खिलने वाले विविध प्रजातियों के फूलों की जानकारी दी ,साथ ही इस दुर्लभ घाटी व यहां की वन संपदा को किस प्रकार बचाया जा सकता है इस पर भी परिचर्चा हुई। नेचर सैंटर में पैंटिंग प्रतियोगिता व जागरूकता शिविर के अतिरिक्त पार्क प्रशासन ने फूलों की घाटी की सैर पर आये सैलानियों को भी जागरूक किया व घांगरिया में जागरूकता अभियान चलाया गया। रैंज अधिकारी चेतना कांडपाल ने बताया कि एक जून से 17 जुलाई तक फूलों की घाटी 6320 भारतीय, 137 विदेशी पर्यटक पहुंच चुके हैं जिससे पार्क प्रशासन को 13 लाख चौबीस हजार का राजस्व प्राप्त हो चुका है। जोशीमठ नेचर सैंटर में आयोजित कार्यक्रम मे डीएफओ तरूण श्रीधर, एसडीओ सुमन, रैंज अधिकरी चेतना कांडपाल व गौरव नेगी, ईडीसी अध्यक्ष प्रमेन्द्र चौहान, फूलों की घाटी के मसहूर फोटोग्राफर प्रताप चौहान आदि मौजूद रहे।
