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October 30, 2026

गुलदार के हमले से सुरक्षित बच निकल स्कूल पहुंची बहादुर बिटिया


रुद्रप्रयाग ।  पहाड़ों में बरसात से जहां भूस्खलन और रास्ते टूटने की परेशानी है वहीं अब जंगली जानवरों का भी बड़ा खतरा बना है। खासकर उन ग्रामीण क्षेत्रों में जहां के स्कूली बच्चे घने कोहरे के बीच गांव से दूर स्कूल पैदल जा रहे हैं। गुरुवार को जखोली ब्लॉक स्थित राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किरोड़ा में कक्षा 10वीं की छात्रा अम्बिका पुत्री जगदीश लाल अपने गांव किरोड़ा तल्ला से स्कूल के लिए पैदल चली। गांव से करीब आधा किमी की दूरी पर जैसे ही अम्बिका स्कूल पहुंचने वाली थी कि अचानक गुलदार ने उस पर झपट्टा मार दिया। छात्रा के हाथ में बड़ा छाता था, उसने छाता गुलदार की तरफ घुमाया और भागने लगी। इसी बीच गुलदार ने उसके बैग पर हमला किया और बैग जमीन पर ही गिर गया। छात्रा किसी तरह भागते हुए सुरक्षित स्कूल पहुंच गई। जैसे ही स्कूल में उसने आपबीती सुनाई तो प्रधानाध्यापक नरेश भट्ट और अन्य शिक्षक मौके पर पहुंचे। शोर शराबा किया। इससे पहले गुलदार वहां से भाग गया। शिक्षकों द्वारा छात्रा का बैग स्कूल लाया गया। डरी, सहमी छात्रा ने बताया कि हल्की बारिश और घने कोहरे के बीच गुलदार ने अचानक पीठ पर हमला कर दिया। जैसे ही मुड़कर देखा तो गुलदार देखते ही होश उड़े गए किंतु हार न मानते हुए छाता निकालकर जान बचाई। वहीं घटना को सुनकर सभी छात्र-छात्राएं भी डर गई। इधर, प्रधानाध्यापक नरेश भट्ट ने बताया कि कोहरे और बारिश के बीच लगातार जंगली जानवर भी सक्रिय हो रहे हैं। स्कूली बच्चों के सामने सुरक्षित गांव से आने-जाने की चुनौती है। हालांकि स्कूल प्रशासन इस घटना के बाद से बच्चों को एक साथ आने-जाने की सलाह देगा और शिक्षक भी निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए वन विभाग को स्कूली क्षेत्रों में गश्त लगानी चाहिए।

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