हल्द्वानी में खोल दिया देशभर में नकल कराने का अड्डा
हल्द्वान । उत्तर प्रदेश और हरियाणा के शातिरों ने मिलकर नैनीताल जिले के हल्द्वानी में देशभर में नकल कराने का अड्डा बना डाला। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक इन शातिरों ने सिर्फ उत्तर प्रदेश के कई शहरों के युवाओं को परीक्षा में पास कराने का झांसा देकर उनके प्रवेश पत्र मंगवाए थे। इसके बाद उत्तराखंड के युवा टारगेट पर थे। उनसे संपर्क साधने की तैयारी पूरी थी। व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के जरिए परीक्षार्थियों से संपर्क किया जा रहा था। लेकिन ऐन मौके पर पुलिस ने नकल की साजिश रचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर दिया। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सरगना बागपत यूपी निवासी परविंदर सिंह व सुनील कुमार ने अपने ऊपर से कर्ज उतारने के लिए कमाई का ये धंधा चुना। बताया जा रहा कि इन्होंने बैंक से कर्ज लिया था। साल 2024 में शातिरों ने यूपी से आकर हल्द्वानी में कंप्यूटर लाइब्रेरी स्थापित की। पूरा सिस्टम तैयार करने के बाद एसएससी स्टेनोग्राफर की परीक्षा में धांधली की तैयारी थी। शातिरों ने उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक युवाओं को झांसे में लेकर उनके प्रवेश पत्र व्हाट्सएप पर मंगाए थे। जिसके साक्ष्य लैपटॉप से पुलिस ने एकत्र किए हैं। इनमें से कुछ युवाओं से एडवांस लिए जाने की बातें भी सामने आई हैं। हालांकि शातिर युवाओं को परीक्षा पास करवाने के बाद पैसे देने की बात कहते थे। इस वजह से युवाओं को इन पर भरोसा होने लगा था। इसके अलावा शातिरों ने ऑनलाइन परीक्षा को सॉल्व कराने के लिए उच्च शिक्षा ग्रहण करने वाले युवाओं से डील की थी, जो अभ्यर्थियों को परीक्षा में प्रश्न पत्र हल करवाते। हालांकि एसओजी का कहना है कि सॉल्वर कौन थे, विवेचना में यह बात सामने आएगी। 10 दिन पहले ही बुलाया था सात सदस्यों को पुलिस के मुताबिक परविंदर सिंह और सुनील कुमार लगातार हल्द्वानी आना जाना करते थे। छह अगस्त को होने वाली परीक्षा की तिथि नजदीक आते ही दोनों ने गिरोह के अन्य सात सदस्यों को हल्द्वानी बुला लिया। उन्हें रामपुर रोड, देवलचौड़ स्थित एक होटल में रुकवाया। बताया ता रहा है कि इस परीक्षा से गिरोह को मोटी कमाई की उम्मीद थी। जिस कारण वह खूब पैसा खर्च कर रहे थे। होटल से वह बाहर बेहद जरूरी काम होने पर ही आते थे। अन्यथा होटल के कमरे में परीक्षा में धांधली की तैयारी में जुटे रहते थे। जांच में सामने आएगा अन्य राज्यों का नेटवर्क पुलिस इस बड़े मामले की विवेचना में जुट गई है। परीक्षा आयोजित होने से पहले ही पुलिस ने भले गिरोह को सलाखों को पीछे पहुंचा दिया हो लेकिन काम अभी पूरा नहीं हुआ है। अभी यूपी और उत्तराखंड का कनेक्शन ही सामने आया है। अन्य राज्यों से इस गिरोह के नेटवर्क का पुलिस जांच के दौरान पता करेगी। गिरफ्तार करने वाली टीम में ये रहे शामिल आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली टीम में कोतवाल राजेश कुमार यादव, एसएसआई महेंद्र प्रसाद, प्रभारी एसओजी संजीत राठौड़,
चौकी प्रभारी मंगलपड़ाव गौरव जोशी, एसआई फिरोज आलम, हेड कांस्टेबल मनोज टम्टा, इसरार नवी, कांस्टेबल ललित मेहरा, अनिल टम्टा, अमर सिंह, सुभाष राणा, भूपेंद्र ज्येष्ठा, कुंदन सिंह, धीरेंद्र अधिकारी, अरविंद राणा, संतोष बिष्ट और अरुण राठौर मौजूद रहे। सुनील और परविंदर पर फर्जीवाड़े के मुकदमे गिरोह के सरगना सुनील और परविंदर पर यूपी के मुजफ्फरनगर और मेरठ में एक-एक फर्जीवाड़े का मुकदमा है। पुलिस के मुताबिक दोनों ने यूपी में भी परीक्षा में धांधली की। इसके अलावा अन्य सदस्यों के आपराधिक इतिहास का पुलिस पता लगा रही है।
कोट: नकल कराने वाले गिरोह के सरगना समेत नौ को सलाखों के पीछे भेजा गया है। इनकी उत्तराखंड में नकल कराने की साजिश को नाकाम किया है। इनके नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। कई प्रवेश पत्र भी बरामद किए हैं। इसी माध्यम से आगे की जांच पुलिस करेगी। – पीएन मीणा, एसएसपी नैनीताल
