साइबर ठगी पीड़ितों को अब घर बैठे मिलेगा होल्ड पैसा, एमआरएम पोर्टल शुरू
अल्मोड़ा । साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के पीड़ितों को राहत देने के लिए गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (आई4सी) ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के अंतर्गत नया ‘मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल’ (एमआरएम) पोर्टल शुरू किया है। इस व्यवस्था के माध्यम से साइबर ठगी के शिकार लोग अब घर बैठे अपनी होल्ड कराई गई धनराशि वापस पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा ने बताया कि नई डिजिटल और पारदर्शी व्यवस्था लागू होने से पीड़ितों को धनवापसी के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पात्र व्यक्ति स्वयं ऑनलाइन रिफंड अनुरोध दर्ज कर सकेंगे और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर धनराशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाएगी। पुलिस के अनुसार इस सुविधा का लाभ केवल वे लोग उठा सकेंगे जिन्होंने साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या 1930 हेल्पलाइन पर दर्ज कराई हो और 14 अंकों का पंजीकृत शिकायत संख्या प्राप्त की हो। साथ ही संबंधित मामले में अपराधियों के बैंक खातों में पीड़ित की धनराशि होल्ड कराई गई हो। जिन मामलों में आरोपी धनराशि निकाल चुके हैं, वे इस सुविधा के दायरे में नहीं आएंगे। पोर्टल पर रिफंड के लिए अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। एक बैंक खाते में 50 हजार रुपये तक की होल्ड राशि अथवा अलग-अलग खातों में 50 हजार रुपये से कम की राशि के मामलों में पुलिस आख्या और इंडेम्निटी बॉन्ड के आधार पर धनवापसी की जा सकेगी। जबकि एक ही खाते में 50 हजार रुपये से अधिक की होल्ड राशि होने पर एफआईआर दर्ज होना अनिवार्य होगा। धनवापसी के लिए पीड़ित को एमआरएम पोर्टल पर जाकर अपनी शिकायत संख्या दर्ज करनी होगी। ओटीपी सत्यापन के बाद संबंधित बैंक खाते का विवरण, आईएफएससी कोड और पैन कार्ड अपलोड कर आवेदन जमा किया जा सकेगा। आवेदन के बाद एक यूनिक रिक्वेस्ट आईडी जारी होगी, जिसके माध्यम से आवेदन की स्थिति की निगरानी की जा सकेगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क है और किसी भी बिचौलिए या दलाल के झांसे में न आएं। किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या होने पर नजदीकी थाने या साइबर सेल से सहायता ली जा सकती है। उन्होंने साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करने तथा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की भी सलाह दी है, ताकि धनराशि समय रहते होल्ड कराई जा सके।
