March 8, 2026

बनतोली भतड़िया कौसानी सड़क 3 दिन से बंद , स्कूल नहीं जा पा रहे बच्चे – ग्रामीणों में भारी रोष

( अर्जुन राणा )

बागेश्वर गरुड । बीते तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के चलते सरोली, भतड़िया, सेलखोला, तुनिया और डुमलोटऔर रिठाड़ सहित आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क रिठाड़ के पास पूरी तरह बाधित हो गई हैं। सड़क पर जगह-जगह पेड़ गिरने और मलबा आने के कारण न केवल बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है, बल्कि ग्रामीणों का रोजमर्रा का जीवन भी पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।

शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा संकट
सड़कों के बंद हो जाने से क्षेत्र के सैकड़ों स्कूली छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं पहुंच पा रहे हैं। पहले से ही ये सड़कें कच्ची और बदहाल थीं, और अब पूरी तरह बंद हो चुकी हैं। बच्चों के अभिभावकों में चिंता का माहौल है क्योंकि शैक्षणिक सत्र के इस महत्वपूर्ण समय में लगातार अनुपस्थिति बच्चों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकती है।

“एक तो करेला, दूजा नीम चढ़ा”
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पहले ही बदहाली का शिकार थी, और अब बारिश और पेड़ गिरने ने इसे पूरी तरह अनुपयोगी बना दिया है। यह स्थिति सरकार की ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के प्रति उदासीनता को उजागर करती है।

प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता श्री गोविंद नाथ गोस्वामी को इस स्थिति से अवगत कराने के बावजूद अभी तक किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग और प्रशासन की खामोशी इस आपदा में उनके हालात को और भी कठिन बना रही है।

दैनिक जरूरतें भी प्रभावित
सड़क बंद होने के कारण न सिर्फ स्कूल, बल्कि अस्पताल, ब्लॉक कार्यालय, तहसील और बैंकों तक पहुंच भी बाधित हो गई है। ग्रामीणों को जरूरी कार्यों के लिए लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है। बीमारों को अस्पताल तक पहुंचाना भी एक चुनौती बन गया है।

जनप्रतिनिधियों से भी निराशा
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता पर भी लोगों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि चुनावों के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले नेता आज गायब हैं। सड़क की मरम्मत, पेड़ों की कटाई और वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था जैसे मुद्दों पर अब तक कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई है।

ग्रामीणों ने चेताया: जल्द समाधान नहीं तो होगा आंदोलन
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क को खोलने और मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे सामूहिक रूप से आंदोलन करेंगे। उन्होंने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर आपातकालीन सफाई और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।