March 4, 2026

बच्चों और 6  शिक्षकों की जान को खतरा-भूस्खलन की जद में ढहने की कगार पर खड़ी स्कूल की इमारत


ऋषिकेश ।   यमकेश्वर ब्लॉक के ग्राम पंचायत मराल के तोक ग्राम घट्टूघाट (पाणीप्याऊ) में तीन ग्रामसभाओं के नौनिहाल जान हथेली पर लेकर भविष्य के सपने बुन रहे हैं। उनका प्राथमिक और जूनियर हाईस्कूल किसी भी वक्त 500 मीटर गहरी खाई में समा सकता है। दशकभर से भूस्खलन की जद में ढहने की कगार पर खड़ी स्कूल की इमारत का पता न सिर्फ अधिकारियों, बल्कि माननीयों को भी है, मगर स्थानीय लोगों की लगातार मांग के बावजूद इसकी अनदेखी की जा रही है। दरअलस, वर्ष 2014 में यमकेश्वर ब्लॉक में दैवीय आपदा में घट्टूघाट का राजकीय प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाईस्कूल खतरे की जद में आया था। स्कूल के नजदीक की जमीन हेवल नदी की घाटी में समा गई। अब महज कुछ मीटर ही स्कूल की इमारत 500 मीटर गहरी खाई से दूर बची है। इससे भी लगातार बरसात में भूस्खलन हो रहा है, जिससे इन स्कूलों में पढ़ने 37 बच्चों और छह शिक्षकों की जान को खतरा बना हुआ है। स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सत्यपाल सिंह राणा, रविंद्र सिंह नेगी, कलम सिंह राणा और धनवीर सिंह ने बताया कि स्कूल की स्थिति को लेकर एसडीएम, डीएम, क्षेत्रीय विधायक, शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को लगातार चिट्ठियां लिखी जा रही हैं, बावजूद, अफसरों से लेकर जनप्रतिनिधि तक इस अहम समस्या के प्रति लापरवाह बने हुए हैं। अनदेखी से यहां कभी भी भीषण हादसा सामने आ सकता है।

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