March 6, 2026

बागेश्वर में गरमाया तीसरी सन्तान का मुद्दा,पंचायत राजनीति में घमासान, कांग्रेस ने साधा निशाना

बागेश्वर । जनपद में पंचायत राजनीति इन दिनों एक नए विवाद के चलते सुर्खियों में है। मामला एक जिला पंचायत सदस्य से जुड़ा है, जिस पर तीसरी संतान के जन्म की जानकारी छिपाने का आरोप लगा है। पंचायत प्रतिनिधियों के लिए तय नियमों के अनुसार दो से अधिक संतान होने पर पद पर बने रहना संभव नहीं होता, ऐसे में आरोप लगने के बाद से ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

सूत्रों के मुताबिक, संबंधित जिला पंचायत सदस्य पर आरोप है कि उन्होंने अपनी तीसरी संतान के जन्म को आधिकारिक अभिलेखों में दर्ज नहीं कराया और इस तथ्य को छिपाकर पद पर बने हुए हैं। इस मुद्दे को विपक्षी दल कांग्रेस ने जोरशोर से उठाया है। कांग्रेस पदाधिकारियों का कहना है कि यह पंचायत कानून का सीधा उल्लंघन है और प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।

आज पूर्व विधायक कपकोट ललित फर्स्वाण व कांग्रेस जिलाध्यक्ष भगवत डसीला सहित कांग्रेस नेताओं ने प्रेस वार्ता कर आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के दबाव में प्रशासन मामले को नजरअंदाज कर रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र जांच कर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि हमने जिला निर्वाचन अधिकारी व राज्य निर्वाचन आयोग को इस सम्बंध में अवगत करा दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि असौ क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य कुंदन राम की हाल ही में तीसरी सन्तान हुई है और उन्होंने इसे छुपाने के लिए अपनी पत्नी को गाँव से बाहर रखा हुआ है। उन्होंने मांग की हैं कि इस सदस्य को 14 तारीख के जिलाध्यक्ष व उपाध्यक्ष के मतदान में मतदान न करने दिया जाए।
प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि जिला स्तर पर प्रारंभिक जांच की तैयारी की जा रही है। यदि आरोप सही पाए गए तो जिला पंचायत सदस्य की सदस्यता रद्द हो सकती है।

यह विवाद बागेश्वर की पंचायत राजनीति में नई दरार पैदा कर रहा है, और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और उग्र हो सकता है। फिलहाल सबकी निगाहें प्रशासनिक जांच और राजनीतिक दलों की अगली चाल पर टिकी हैं।