बागेश्वर पुलिस का मेडिकल स्टोर चेकिंग अभियान: नशा मुक्ति की दिशा में मजबूत कदम!
बागेश्वर गरुड । जनपद बागेश्वर में नशे के खिलाफ जंग को और तेज करने के लिए पुलिस ने मेडिकल स्टोर्स पर विशेष चेकिंग अभियान को निरंतर जारी रखा है। 7 सितंबर को गरुड़ क्षेत्र में आयोजित इस अभियान ने न केवल दवा विक्रेताओं को सतर्क किया, बल्कि पूरे जिले को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक श्री चंद्रशेखर घोड़के के सशक्त नेतृत्व में चलाया गया, जो नशा रोकथाम के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पुलिस उपाधीक्षक श्री अजय साह और कपकोट के श्री मनीष शर्मा के पर्यवेक्षण में थाना क्षेत्रों के सभी मेडिकल स्टोर्स पर गहन जांच की गई। चेकिंग के दौरान संचालकों को लाइसेंस नियमों का सख्ती से पालन, सीसीटीवी कैमरों की अनिवार्य स्थापना, प्रतिबंधित दवाओं (जैसे नशीली दवाओं) की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध, और बिना डॉक्टर की पर्ची के कोई दवा न बेचने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। पुलिस ने चेतावनी दी कि किसी भी अनियमितता पर वैधानिक कार्रवाई निश्चित होगी। यह कदम न केवल अवैध दवा व्यापार को रोकने में सहायक है, बल्कि आम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा भी करता है।
यह चेकिंग अभियान जिले के व्यापक ‘नशा मुक्ति अभियान’ का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत जिलाधिकारी श्री आशीष भटगांई की अगुवाई में 4 सितंबर को हुई बैठक से हुई। पीएस श्री घोड़के ने स्पष्ट किया कि सभी मेडिकल स्टोर्स पर 100% सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, ताकि नशीले पदार्थों की बिक्री पर नजर रखी जा सके। साथ ही, स्कूलों-कॉलेजों में पेंटिंग व निबंध प्रतियोगिताएं, होटलों-ढाबों पर आकस्मिक चेकिंग, और सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता पोस्टर लगाए जा रहे हैं। नेशनल टोल-फ्री नंबर 14446 का प्रचार भी जोरों पर है। यह अभियान नशा तस्करों के नेटवर्क को तोड़ने और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने पर केंद्रित है।
यह अभियान बागेश्वर जैसे पहाड़ी जिले में नशे की बढ़ती समस्या को रोकने का एक क्रांतिकारी प्रयास है। पहले डीडीहाट (पिथौरागढ़) में भी इसी तरह की चेकिंग हुई, जहां सीसीटीवी और लाइसेंस नियमों पर जोर दिया गया था । अब बागेश्वर में पुलिस विभाग के प्रयास से युद्ध स्तर पर चल रहा है, जो न केवल दवा दुरुपयोग रोकेगा, बल्कि समुदाय को मजबूत बनेगा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इससे युवा पीढ़ी सुरक्षित रहेगी। पुलिस की यह पहल सराहनीय है ।
