March 4, 2026

संपूर्ण उत्तरखंड को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करें: कांडपाल


बागेश्वर ।  चिह्नित राज्य आंदोलनकारी समिति, राज्य निर्माण सेनानी का 27 वां प्रदेश स्तरीय सम्मेलन संपन्न हो गया है। जिसमें राज्य की मूल अवधारणा पर चर्चा हुई। युवाओं का आह्वान किया गया कि वह राज्य के लिए आगे आने का आह्वान किया गया। संपूर्ण उत्तराखंड को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव पास किया गया। स्थानीय नरेंद्रा पैलेस में हुए सम्मेलन में राज्य आंदोलनकारी दिनेश बिष्ट ने कहा कि राज्य के लिए सतत संघर्ष जारी रखना है। राजनीतिक संगठनों को मजबूत करने का खेल चल रहा है। हीरा बल्लभ भट्ट ने कहा कि हमारी परिकल्पनाएं हाशिए पर हैं। पलायन बढ़ा है। बेरोजगारी की समस्या चरम पर है। तरुण पाल ने कहा कि वंचित आंदोलनकारियों को भी आंदोलनकारी घोषित नहीं किया जा रहा है। नरेंद्र खेतवाल ने कहा कि जहां पर मुद्दे उठाने होते हैँ वहां पीछे रह जाते हैँ। राज्य गलत दिशा पर जा रहा है। 25 सालों में औद्योगिक क्षेत्र में पहाड़ कहां है, यह किसी से छिपा नहीं है। लीलाधर पंडा ने कहा कि पहाड़ का पानी तथा जवानी अभी तक सुरक्षित नहीं है। महेश ने कहा कि सरकारों की मक्कारी से पहाड़ में दुश्वारियां हैं। राज्य नाम का है, यहां काम ढूढने पर भी नहीं मिल रहा है। योगेश पांडे ने कहा कि छात्र संगठन को एक बैनर पर आने की जरूरत है। उत्तराखंड क्रांतिदल को खुलकर सामाने आना चाहिए। पहाड़ को आरक्षण नहीं एक ट्रायबल का दर्जा देना चाहिए। संयोजक भुवन कांडपाल ने सभी के सहयोग के प्रति आभार जताया। संचालन रमेश पांडेय कृषक ने किया। यहां पर दिनेश गुरुरानी, किशन दानू, मंजू खेतवाल, महेंद्र सिंह रावत, दीवान धपोला आदि मौजूद रहे।

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