गरुड़ में खुलेगा जनसुनवाई केंद्र, मानवाधिकार संरक्षण को मिलेगी नई दिशा : IHRC की बैठक में लिए गए अहम निर्णय
गरुड़ (बागेश्वर)। अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (IHRC) उत्तराखंड की एक महत्वपूर्ण बैठक गरुड़ स्थित होटल वीर पैलेस में आयोजित की गई, जिसमें संगठन के विस्तार, जनहित एवं मानवाधिकार संरक्षण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान से पहुँची राष्ट्रीय महासचिव डॉ. मीनाक्षी शर्मा उपस्थित रहीं। उनके संबोधन ने उपस्थित सदस्यों में मानवाधिकारों की रक्षा के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने घोषणा की कि गरुड़ क्षेत्र में शीघ्र ही “जनसुनवाई केंद्र” की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों का उद्देश्य आम नागरिकों की मानवाधिकार संबंधी समस्याओं को सुनना, उन्हें शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना तथा उनके त्वरित समाधान हेतु आवश्यक प्रयास करना होगा। इस पहल से क्षेत्र के लोगों में नई आशा का संचार हुआ है, क्योंकि अब उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध होगा।
उन्होंने कहा कि मानवाधिकार केवल संवैधानिक अधिकार नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के सम्मानपूर्ण जीवन का आधार हैं। संगठन का लक्ष्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, समानता और अधिकारों की पहुंच सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य को लेकर आयोग लगातार जनजागरण, सहायता और सामाजिक न्याय के लिए कार्य कर रहा है।
बैठक के दौरान संगठनात्मक ढांचे को अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए। यह घोषणा की गई कि जनसुनवाई केंद्रों में पूर्व में नियुक्त पदों को निरस्त करते हुए नए पदाधिकारियों एवं सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी। संगठन के विस्तार और उसकी कार्यक्षमता को बढ़ाने के लिए शीघ्र ही नई कार्यकारिणी एवं सदस्यों की घोषणा की जाएगी।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने मानवाधिकार संरक्षण, सामाजिक न्याय तथा जनहित के मुद्दों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि समाज में जागरूकता, शिक्षा, कानूनी सहायता और जनभागीदारी के माध्यम से ही मानवाधिकारों की प्रभावी रक्षा संभव है। संगठन आने वाले समय में विभिन्न जनकल्याणकारी कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों का संचालन भी करेगा।
बैठक में दीवान नेगी, चंद्रशेखर बड़सीला, एडवोकेट जगदीश आर्या ,अनिल पांडे, जगदीश पांडे, कृष्णा गड़िया, दिनेश नेगी, लक्ष्मण कुमार एवं अर्जुन राणा सहित अनेक गणमान्य सदस्यों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रतिभाग किया। सभी ने संगठन को मजबूत बनाने और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर कार्य करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
गरुड़ में प्रस्तावित जनसुनवाई केंद्र को लेकर क्षेत्रीय नागरिकों में उत्साह का माहौल है। लोगों को उम्मीद है कि यह पहल मानवाधिकार संरक्षण और जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
