त्यूणी-चकराता मार्ग पर बिछाते ही उखड़ने लगा डामर
विकासनगर । जौनसार बावर की लाइफ लाइन त्यूणी-चकराता-मसूरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर हो रहे डामरीकरण का कार्य में गुणवत्ता और मानकों का ख्याल नहीं रखा जा रहा है। एक तरफ से डामर बिछाया जा रहा है, दूसरे ओर से डामर उखड़ना शुरू हो गया है। स्थानीय निवासियों ने इसकी शिकायत एनएच विभाग से की है। उन्होंने डामरीकरण गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप करने की मांग की है। ऐसा न होने पर उन्होंने डामरीकरण का कार्य बंद कराने की चेतावनी दी है। दरअसल, बारिश में क्षतिग्रस्त हुए त्यूणी-चकराता-मसूरी मार्ग पर एनएच की ओर से डामरीकरण का कार्य किया जा रहा है। लेकिन डामरीकरण कार्य में गुणवत्ता के साथ ही मानकों का किसी भी प्रकार का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। जो डामर बिछाया जा रहा है, वह पीछे से उखड़ना शुरू हो गया है। इसकी शिकायत स्थानीय लोगों ने एनएच खंड डोईवाला से की है। लोगों का कहना है कि डामरीकरण का कार्य मानकों को ताक पर रखकर किया जा रहा है। बताया कि एक तरफ सर्दी होनी शुरू हो गई है, दूसरी और डामरी साठ से पैसठ किमी दूर से लाया जा रहा है, जो निर्माण स्थल पहुंचते ही ठंडा हो जा रहा है और टिक नहीं पा रहा है। बताया कि डामर को बिना ढके ही लाया जा रहा है। स्थानीय ग्रामीण विजय सिंह, दीवान सिंह राणा, कल्याण सिंह, भरत सिंह, रमेश चौहान, अछर सिंह, रणबीर सिंह, भगत सिंह, सतपाल सिंह ने अधिशासी अभियंता एनएच खंड डोईवाला को शिकायती पत्र भेजकर डामरीकरण कार्य की जांच की मांग की है। कहा कि घटिया गुणवत्ता से हो रहे डामरीकरण को रुकवा दिया जाए। कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो ग्रामीण खुद डामरीकरण का कार्य रुकवा देंगे।
