पिछड़े वर्ग का आरक्षण बढ़ाने को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पर दिया धरना
हरिद्वार ( आखरीआंख ) प्रदेश में पिछड़े वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तराखण्ड पिछड़ा वर्ग कल्याण संघर्ष समिति के
तत्वावधान में सिटी मैजिस्ट्रेट कार्यालय पर धरना प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया गया। धरने का संबोधत करते हुए समिति के संयोजक पूर्व मंत्री रामसिंह सैनी ने कहा कि उत्तराखण्ड में पिछड़े वर्ग के साथ अन्याय हो रहा है। यदि पिछड़े वर्ग के लोगों की मांगों को नहीं माना गया तो सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछड़े वर्ग के लिए लागू 27 प्रतिशत आरक्षण को उत्तराखण्ड में घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट भी निर्णय दे चुका है कि आरक्षण में जनसंख्या का आधार नहीं मानते हुए 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए। लेकिन उत्तराखण्ड में
असंवैधानिक रूप से पिछड़ों को मिल रहे 27 प्रतिशत आरक्षण को घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया। इतना ही नहीं संविधान के विपरीत क्षेत्रों को पिछड़ा घ्
ाषित कर दिया गया। उन्होंने मांग की कि पिछड़े वर्ग के नाम पर जो क्षेत्र शामिल किए गए हैं। उन्हें तुरंत बाहर किया जाए। यदि आरक्षण देना ही है तो आर्थिक आधार पर दिए गए 10 प्रतिशत आरक्षण में समायोजित किया जाए। ओबीसी के आरक्षण हेतु आय की सीमा बढ़ाकर 10 लाख की जाए। ओबीसी के लिए रिक्त पदों पर तुरंत नियुक्तियां की जाएं। ओबीसी वर्ग के परम्परागत कार्यो को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जांए। पिछड़ा वर्ग के लिए लागू कल्याणकारी योजनाओं को तेजी के साथ लागू किया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पिछड़े वर्ग के साथ हो रहे अन्याय को बंद नहीं किया गया तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। पूर्व विधायक अंबरीष कुमार ने कहा कि सरकार को पिछड़े वर्गो की विभिन्न समस्याओं का निदान करना चाहिए। योजनाओं का लाभ पिछड़े वर्गो को निष्पक्षता से मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिया जा रहा आरक्षण पिछड़े वर्गो के लिए नाकाफी है। आरक्षण के प्रतिशत को बढ़ाए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सरकार घोषणाएं तो कर देती है। लेकिन उन घोषणाओं पर अमल नहीं हो पाता है। इस दौरान धर्मपाल ठेकेदार, विजयपाल सिंह, पार्षद अनुज सिंह, सुहेल अख्तर, तासीन, जफरअब्बासी, गुलबीर सिंह, विजय प्रजापति, खेमचंद प्रजापति, सुभाष सैनी, दयानन्द गिरी, हाजी नईम कुरैशी आदि सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
