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November 8, 2026

यूएस कांग्रेस में अहम बिल पेश; ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे की तैयारी तेज, जानिए क्या है इस विधेयक में


वॉश्ंिागटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड को लेकर आक्रामक नीति अब क़ानूनी शक्ल लेती नजर आ रही है। अमेरिका की संसद में एक ऐसा अहम विधेयक पेश किया गया है, जिसमें आर्कटिक द्वीप ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे और उसे अमेरिका का आधिकारिक राज्य बनाए जाने की मांग की गई है। इससे संकेत मिलते हैं कि वॉशिंगटन इस रणनीतिक क्षेत्र को लेकर अपने इरादों को अमल में लाने की दिशा में आगे बढ़ चुका है।
यह विधेयक अमेरिका के निचले सदन के सांसद रैंडी फाइन द्वारा पेश किया गया है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए बयान में फाइन ने बताया कि उन्होंने ग्रीनलैंड को अमेरिकी नियंत्रण में लेने और उसे राज्य का दर्जा देने संबंधी प्रस्ताव सदन के पटल पर रखा है। इस विधेयक के जरिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ग्रीनलैंड को लेकर सभी आवश्यक राजनीतिक और कूटनीतिक कदम उठाने का अधिकार देने की बात कही गई है।
विधेयक में क्या दलील दी गई है?
विधेयक में कहा गया है कि अमेरिका के विरोधी देश आर्कटिक क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में ग्रीनलैंड पर नियंत्रण हासिल कर चीन और रूस जैसी शक्तियों के प्रभाव को रोका जा सकता है। सांसद रैंडी फाइन ने ग्रीनलैंड को अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद अहम बताते हुए इसे रणनीतिक सुरक्षा संपत्ति करार दिया है।
विधेयक में यह भी चेतावनी दी गई है कि ग्रीनलैंड पर नियंत्रण प्रमुख आर्कटिक शिपिंग रूट्स की सुरक्षा, अमेरिकी रक्षा हितों और वैश्विक स्थिरता बनाए रखने के लिए जरूरी है। प्रस्ताव के अनुसार, पिछले वर्षों में अमेरिका की कमजोर नीतियों के कारण आर्कटिक महासागर में उसकी रणनीतिक स्थिति कमजोर हुई है, जबकि चीन और रूस ने वहां अपनी मौजूदगी लगातार बढ़ाई है।
इसके साथ ही यह विधेयक अमेरिका को डेनमार्क सरकार से ग्रीनलैंड के भविष्य को लेकर औपचारिक बातचीत करने का अधिकार भी प्रदान करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है, तो यह अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ा भू-राजनीतिक विवाद खड़ा कर सकता है।

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