January 29, 2026

ट्रंप पाकिस्तान समेत 75 देशों के लिए वीजा सर्विस रोकेंगे, लिस्ट में भारत के 6 पड़ोसी; जानें क्या है वजह


वॉशिंगटन डीसी । अमेरिका ने 21 जनवरी से 75 देशों के नागरिकों के लिए वीजा जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लगाने का फैसला किया है। इस सूची में पाकिस्तान और बांग्लादेश सहित भारत के छह पड़ोसी देश भी शामिल हैं। फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यह निर्णय अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक आंतरिक मेमो के आधार पर लिया गया है। इस कदम का उद्देश्य अमेरिका आने वाले विदेशी नागरिकों की संख्या को सीमित करना बताया गया है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि वह अब अपनी कानूनी शक्तियों का इस्तेमाल करेगा, जिसके तहत ऐसे लोगों को वीजा देने से इनकार किया जा सकता है, जिनके बारे में आशंका हो कि वे अमेरिका पहुंचने के बाद सरकारी सहायता या वेलफेयर योजनाओं पर निर्भर हो सकते हैं।
इस फैसले के तहत अमेरिकी दूतावासों और कांसुलर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच और सत्यापन प्रक्रिया की दोबारा समीक्षा पूरी होने तक वीजा आवेदनों को खारिज किया जाए। यह रोक कितने समय तक लागू रहेगी, इस बारे में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि ट्रम्प प्रशासन इमिग्रेशन सिस्टम के दुरुपयोग को खत्म करना चाहता है और उन लोगों को रोकना चाहता है जो अमेरिकी करदाताओं के पैसे का गलत फायदा उठा सकते हैं। उन्होंने बताया कि इन 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा की प्रक्रिया तब तक स्थगित रहेगी, जब तक यह सुनिश्चित नहीं हो जाता कि सार्वजनिक लाभ लेने वाले लोगों की एंट्री को कैसे रोका जाए।
हालांकि, इस फैसले का असर टूरिस्ट, बिजनेस या अन्य अस्थायी वीजा पर नहीं पड़ेगा। इसमें इस साल आयोजित होने वाले फुटबॉल वर्ल्ड कप को देखने अमेरिका आने वाले दर्शक भी शामिल हैं। इसके बावजूद ट्रम्प प्रशासन ने सभी वीजा आवेदकों के सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच करने की बात कही है।
75 देशों की सूची जारी
अमेरिकी प्रशासन ने इस फैसले के तहत जिन देशों को शामिल किया है, उनकी विस्तृत सूची भी जारी की गई है। इसमें एशिया, अफ्रीका, यूरोप, कैरिबियन, उत्तर, दक्षिण और मध्य अमेरिका के देश शामिल हैं। इनमें अफगानिस्तान, आर्मेनिया, अजरबैजान, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, कंबोडिया, ईरान, इराक, जॉर्डन, कजाकिस्तान, कुवैत, किर्गिस्तान, लाओस, लेबनान, मंगोलिया, नेपाल, पाकिस्तान, सीरिया, थाईलैंड, उज्बेकिस्तान, यमन, अल्जीरिया, कैमरून, केप वर्डे, कोटे डी आइवर, कांगो, मिस्र, इरिट्रिया, इथियोपिया, गैम्बिया, घाना, गिनी, हैती, लाइबेरिया, लीबिया, मोरक्को, नाइजीरिया, कांगो गणराज्य, रवांडा, सेनेगल, सिएरा लियोन, सोमालिया, दक्षिण सूडान, सूडान, तंजानिया, टोगो, ट्यूनीशिया, युगांडा, रूस, अल्बानिया, बेलारूस, बोस्निया, जॉर्जिया, कोसोवो, नॉर्थ मैसेडोनिया, मोल्दोवा मोंटेनेग्रो, एंटीगुआ और बारबुडा, बहामास, बारबाडोस, बेलीज, क्यूबा, डोमिनिका, ग्रेनाडा, हैती, जमैका, सेंट किट्स और नेविस, सेंट लुसिया, सेंट विंसेंट ग्रेनेडाइन्स, ब्राजील, कोलंबिया, उरुग्वे, ग्वाटेमाला और निकारागुआ शामिल हैं।
मॉस्को टाइम्स के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प कई बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि वे गैर-यूरोपीय देशों से होने वाले इमिग्रेशन को कम करना चाहते हैं। इससे पहले उन्होंने सोमालिया के लोगों को लेकर विवादित बयान दिए थे, जबकि नॉर्वे, स्वीडन और डेनमार्क जैसे स्कैंडिनेवियाई देशों के नागरिकों को अमेरिका के लिए बेहतर विकल्प बताया था।