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October 13, 2026

बीस वर्षों से अधर में लटकी बीनाटोली मजकोट सड़क पर फूटा जनाक्रोश, तहसील दिवस में पेयजल-सड़क के मुद्दों ने भी पकड़ी रफ्तार


गरुड़, बागेश्वर।
जनसरोकारों की नब्ज टटोलने के उद्देश्य से आयोजित तहसील दिवस इस बार आमजन की पीड़ा और प्रशासनिक जवाबदेही के तीखे संवाद का मंच बन गया। पेयजल, विद्युत आपूर्ति और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएँ बैठक में प्रमुखता से उभरीं, किंतु आगर मजकोट क्षेत्र की बीनटोली–मजकोट सड़क का मुद्दा पूरे आयोजन का केंद्र बिंदु बन गया।
क्षेत्र निवासी देवेंद्र कुमार ने प्रशासन के समक्ष अपनी व्यथा रखते हुए कहा कि लगभग बीस वर्ष पूर्व प्रारंभ हुई इस सड़क का निर्माण कार्य आज भी तीन किलोमीटर तक अधूरा है और कागजी प्रक्रियाओं में उलझा हुआ है। उन्होंने बताया कि पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के लिए वे सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन भी कर चुके हैं, किंतु संबंधित विभाग की ओर से अब तक कोई संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। उनका प्रश्न था कि जब विकास कार्यों की घोषणाएँ वर्षों पूर्व हो चुकी हैं, तो फिर धरातल पर उनका क्रियान्वयन क्यों नहीं दिखाई देता।
बैठक में एक अन्य व्यक्ति ने सरकारी ठेके की शराब निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बेचे जाने की शिकायत दर्ज कराते हुए प्रशासन से तत्काल छापेमारी की मांग की। इस पर अधिकारियों ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया।
तहसील दिवस के दौरान कुल दस शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। उपजिलाधिकारी बैभव कांडपाल ने बैठक में उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पूर्व में प्राप्त शिकायतों पर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट अगली तहसील दिवस बैठक में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और लंबित मामलों के प्रति विभागों की जवाबदेही तय की जाएगी।
इस अवसर पर तहसीलदार निशा रानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। तहसील दिवस के इस आयोजन ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया कि जब जनता सीधे प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखती है, तो विकास योजनाओं की वास्तविक स्थिति भी उजागर होती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि बीस वर्षों से प्रतीक्षित सड़क सहित अन्य समस्याओं पर प्रशासनिक पहिए कितनी गति से घूमते हैं और धरातल पर परिणाम कब दिखाई देते है।

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