नेटवर्किंग से वंचित केंद्रों को जनहित में जल्द एक्टिवेट किए जाने की मांग उठाई
रानीखेत, ( आखरीआंख ) जनसुविधा के लिए खोले गए कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) खुद ही असुविधा के शिकार हो गए हैं। ऐसे में जरूरतमंदों को इन केंद्रों से मदद कम तकलीफ ज्यादा मिलने लगी है। सरकारी ढर्रे का आलम यह है कि जनपद की विभिन्न तहसीलों में स्थापित 207 सीएससी नेटसुविधा से जुड़े ही नहीं हैं। जो 400 केंद्र एक्टिवेट किए भी गए हैं, वहां नेटवर्क की समस्या जी का जंजाल बन गई है। यही हालत कमोवेश राज्य के अन्य जिलों की भी है। दरअसल, लोगों खासतौर पर दूरदराज के ग्रामीणों को बेहतर सुविधा के लिए राज्य सरकार ने विभिन्न जनपदों की तहसीलों में एक हजार से अधिक सीएससी संचालन को लाइसेंस दिए हैं। बीते एक माह से तमाम पर्वतीय क्षेत्रों में वेबसाइट चल ही नहीं रही। ऐसे में शिक्षित बेरोजगार व बुजुर्गवार जरूरी प्रमाणपत्रों के लिए रोज सेंटर के चक्कर काट मायूस लौट रहे। अल्मोड़ा जिले में 607 सीएससी हैं। इनमें 400 तो एक्टिवेट हैं, शेष रामभरोसे छोड़ दिए गए हैं। उस पर कनेक्टिविटी की समस्या सुविधा के बजाय आफत बन गई है।
