July 18, 2026

धोखाधड़ी के मामले में डाकपाल को तीन साल की सजा


बागेश्वर ।   न्यायिक मजिस्ट्रेट शिवानी नाहर की अदालत ने 36 लाख रुपये के गबन के मामले में आरोपी डाकपाल को तीन साल की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर कुल आठ हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अन्य धाराओं में भी सजा सुनाई गई, जो साथ-साथ चलेंगी। सहायक लोक अभियोजन अधिकारी गौरव अग्रवाल ने बताया कि वर्ष 2024 में कमेड़ीदेवी से डाक विभाग बागेश्वर को सूचना मिली थी कि कुछ खाताधारक सिमगड़ी डाकघर में गबन की शिकायत कर रहे हैं। तत्कालीन डाक अधीक्षक अल्मोड़ा राजेश कुमार बिनवाल ने मामले की जांच के लिए छह सदस्यीय कमेटी गठित की। जांच में शाखा में सात लाख रुपये की कमी मिली। आरोपी ने 18 कूटरचित पासबुक तैयार कर 59 खाताधारकों से करीब 26 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी। बाद में अन्य खाताधारकों की शिकायतें मिलने पर जांच आगे बढ़ाई गई, जिसमें कुल 36 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया। कांडा के तत्कालीन थानाध्यक्ष खुशवंत सिंह ने डाक विभाग और खाताधारकों की शिकायतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ धारा 409, 420, 467, 468 और 471 में मुकदमा दर्ज किया।विवेचना के बाद उप निरीक्षक कैलाश सिंह बिष्ट ने आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। अभियोजन ने 12 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 47 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी सुरेंद्र सिंह पंचपाल पुत्र स्व. गोवर्धन पंचपाल को धारा 409 में तीन वर्ष की सजा और आठ हजार रुपये अर्थदंड, धारा 467 में दो वर्ष और धारा 471 में एक वर्ष की सजा सुनाई। तीनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। मामले की पैरवी सहायक लोक अभियोजक गौरव अग्रवाल और रश्मि कुलकोड़िया ने की।