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October 12, 2026

जनसुनवाई में डीएम का सख्त रुख: शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर, बैड़ा मझेड़ा-जारती मोटर मार्ग की सड़क धंसने की होगी जांच

सड़क धंसने के मामले में जांच समिति गठित कर एक माह में रिपोर्ट देने के निर्देश, लंबित शिकायतों पर अधिकारियों से जवाब-तलब

बागेश्वर। जनसमस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण समाधान को लेकर जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल पांच शिकायतें सामने आईं। इनमें पेयजल, सड़क और विद्युत सहित अन्य समस्याएं शामिल थीं।

जनसुनवाई में जिलाधिकारी ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को अधिकांश मामलों का मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव नहीं था, उन्हें संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।

सड़क धंसने की शिकायत पर डीएम ने दिखाई गंभीरता

जनसुनवाई में बैड़ा मझेड़ा-जारती मोटर मार्ग के किमी 11 में सड़क धंसने से आवागमन के लिए उत्पन्न खतरे का मामला भी सामने आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को जांच समिति गठित करने तथा एक माह के भीतर विस्तृत जांच आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। सड़क की स्थिति और उससे जुड़े कारणों की जांच के साथ आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

लंबित मामलों पर अधिकारियों से मांगी स्पष्ट आख्या

जिलाधिकारी ने पूर्व में प्राप्त एवं लंबित शिकायतों की भी बारीकी से समीक्षा की। लंबे समय से लंबित प्रकरणों पर संबंधित विभागों से जवाब-तलब करते हुए प्रत्येक मामले में अब तक की गई कार्रवाई की स्पष्ट एवं तथ्यात्मक आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतों का समाधान केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिले और प्रत्येक प्रकरण का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

सीएम हेल्पलाइन की भी हुई समीक्षा

जनसुनवाई के दौरान सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्धारित कॉलिंग प्रक्रिया का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कॉलिंग प्रतिशत किसी भी स्थिति में 70 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए।

डीएम ने कहा कि शिकायत के निस्तारण के साथ-साथ शिकायतकर्ता से प्रभावी संवाद भी जरूरी है, ताकि उसे शिकायत की प्रगति और समाधान की स्थिति की सही जानकारी मिल सके।

‘हेलो बागेश्वर’ की शिकायतों की भी निगरानी के निर्देश

इसके अतिरिक्त ‘हेलो बागेश्वर’ के माध्यम से प्राप्त समस्याओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी समाधान करने तथा सभी प्राप्त शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई में मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार सहित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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