खड़गे की सभा के बाद रामलीला मैदान के शुद्धिकरण पर बवाल, बैजनाथ कोतवाली में कांग्रेस ने दी तहरीर
गरुड़। हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कथित तौर पर यज्ञ और गंगाजल छिड़ककर किए गए शुद्धिकरण को लेकर राजनीतिक विवाद अब बागेश्वर जिले तक पहुंच गया है। मामले को अनुसूचित जाति के अपमान, अस्पृश्यता और सामाजिक भेदभाव से जोड़ते हुए कांग्रेस कमेटी गरुड़ के ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र सिंह बिष्ट ने सोमवार को बैजनाथ कोतवाली में ज्ञापन/तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि 08 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खरगे ने जनसभा को संबोधित किया था। इसके करीब दो दिन बाद कथित रूप से उस स्थल पर यज्ञ एवं गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण किया गया। कांग्रेस नेता ने इसे संविधान की भावना, सामाजिक समानता और अनुसूचित जाति-जनजाति के सम्मान के विरुद्ध बताते हुए आपराधिक कृत्य करार दिया है।
तहरीर में गिरीश चन्द्र पाण्डेय समेत 15 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। आरोप है कि सार्वजनिक स्थल का इस प्रकार शुद्धिकरण कर सोशल मीडिया पर इसका वीडियो प्रसारित किया गया, जिससे अनुसूचित जाति/जनजाति के लोगों के बीच अपमान, घृणा और वैमनस्य की भावना पैदा होने का प्रयास हुआ।
संविधान के अनुच्छेद 14 और 17 का हवाला
कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष ने अपने ज्ञापन में संविधान के अनुच्छेद 14 और 17 का उल्लेख करते हुए कहा कि छुआछूत और अस्पृश्यता को किसी भी रूप में बढ़ावा देना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। ज्ञापन में कहा गया कि सार्वजनिक स्थान पर देश के एक प्रतिष्ठित संवैधानिक पद पर आसीन राज्यसभा सांसद एवं विपक्ष के नेता द्वारा कार्यक्रम को संबोधित करने के बाद उस स्थान को अपवित्र बताकर शुद्धिकरण करना सामाजिक समानता के सिद्धांत पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि ऐसे कृत्य से अनुसूचित जाति एवं जनजाति सहित सामाजिक एकता में विश्वास रखने वाले लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है और इससे समाज में जातिगत भेदभाव को बढ़ावा मिलने की आशंका है।
राज्यसभा में मुद्दा उठने और भाजपा नेताओं के बयानों का भी जिक्र
ज्ञापन में 13 अगस्त 2026 को राज्यसभा में विपक्ष द्वारा इस प्रकरण को उठाए जाने का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया कि 21वीं सदी में इस तरह की जातिवादी मानसिकता का जीवित रहना गंभीर चिंता का विषय है। साथ ही भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा के उस कथित बयान का उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि यदि किसी संगठन ने वहां हवन या कोई अनुष्ठान किया है तो वह उसका निजी मामला है और पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है।
वहीं, ज्ञापन में 26 अगस्त 2026 को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के कथित बयान का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें रामलीला मैदान की सफाई या शुद्धिकरण किए जाने में कुछ भी गलत नहीं होने की बात कही गई थी। कांग्रेस ने इन बयानों को भी पूरे विवाद के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया है।
एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989, संविधान के प्रावधानों तथा अन्य संबंधित कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है। कांग्रेस नेता ने पुलिस से मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी करते हुए कठोर कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
नरेंद्र सिंह बिष्ट ने कहा कि मामला किसी राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समानता, संवैधानिक अधिकार और सार्वजनिक जीवन में छुआछूत जैसी मानसिकता के खिलाफ कार्रवाई का है। उन्होंने पुलिस से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन देने वालो में मुख्यतया नरेंद्र सिंह बिष्ट, बबलू नेगी, प्रकाश कोहली, गिरीश तिवारी, माधो राम , नरेंद्र कुमार,sp सिंह, केशव गिरी,प्रकाश आर्य dig, अनिल कुमार, भुवन बिष्ट,मदन कुमार आदि शामिल रहे ।
