सड़क नहीं: सात किमी कंडी से गर्भवती को पहुंचाया अस्पताल, नहीं मिले डॉक्टर, दो दो मुख्यमंत्री कर चुके घोषणा!!
चमोली । पिनाऊं गांव में सड़क सुविधा न होने के कारण ग्रामीणों को एक गर्भवती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को छह किलोमीटर तक डंडी के सहारे खतरनाक रास्ते से अस्पताल ले जाना पड़ा। स्थिति यह थी कि प्रसव पीड़ा से जूझ रही खिमिली देवी को बुधवार सुबह 11 बजे ग्रामीणों ने डंडी में बैठाया और वे शाम छह बजे कालीताल सड़क तक पहुंचे। यहां से वाहन से रात साढ़े नौ बजे उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवाल ले जाया गया लेकिन देवाल में डॉक्टर न होने के कारण उन्हें एंबुलेंस से जिला अस्पताल बागेश्वर रेफर किया गया। ग्राम प्रधान लखपत दानू ने बताया कि दो मुख्यमंत्रियों की घोषणा के बाद भी गांव तक सड़क नहीं पहुंच पाई है जिसके कारण ग्रामीणों को आए दिन बीमारों और गर्भवती महिलाओं को इसी तरह ढोकर अस्पताल ले जाना पड़ता है। महिला को अस्पताल पहुंचाने में आशा कार्यकर्ता बिमला देवी, लखपत सिंह, हिम्मत सिंह, लक्ष्मण सिंह, हरूली देवी, कस्तूरा देवी, नंदी देवी, सुरेंद्र सिंह और मोतिमा देवी समेत कई ग्रामीणों ने भूमिका निभाई।
अधिकारियों का पक्ष
लोनिवि थराली के अधिशासी अभियंता (ईई) मनीष डोगरा ने बताया कि पिनाऊं गांव के लिए सड़क स्वीकृत है। मार्ग पर वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है। इसके अलावा, धुराधारकोट-वांक-पिनाऊं के नाम से भी सड़क स्वीकृत है और लोहाजंग से वांक गांव तक सड़क बन चुकी है। यदि ग्रामीण आपसी सहमति बनाते हैं तो वांक गांव के रास्ते से भी पिनाऊं के लिए सड़क का निर्माण किया जा सकता है।
