‘मंजू जोशी स्मृति हिन्दी मेधावी सम्मान’ के लिए चार मेधावी विद्यार्थियों का चयन
हिन्दी विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को मिलेगा सम्मान, हाईस्कूल में 99 और इंटर में 97 प्रतिशत तक अंक
गरुड़, बागेश्वर। हिन्दी भाषा और साहित्य के प्रति समर्पण रखने वाली दिवंगत आदर्श हिन्दी शिक्षिका मंजू जोशी की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से उनके परिजनों की ओर से संचालित ‘मंजू जोशी स्मृति हिन्दी मेधावी छात्र सम्मान’ के दूसरे संस्करण के पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। इस वर्ष सेंट एडम्स पब्लिक स्कूल अयारतोली, गरुड़ के चार मेधावी विद्यार्थियों का चयन हिन्दी विषय में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया है।
इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा में हिन्दी विषय में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए हर्षित बड़सीला और सुमित जोशी का चयन किया गया है, जबकि हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में हिन्दी विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली रिया पुरोहित और नियति नगरकोटी को सम्मान के लिए चुना गया है। चयनित विद्यार्थियों ने हिन्दी विषय में उल्लेखनीय अंक प्राप्त कर विद्यालय और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। हाईस्कूल स्तर पर चयनित मेधावियों ने हिन्दी में 99 प्रतिशत तथा इंटरमीडिएट स्तर पर चयनित विद्यार्थियों ने 97 प्रतिशत तक अंक अर्जित किए हैं।
परिजनों ने पुरस्कारों की घोषणा करते हुए बताया कि चयनित विद्यार्थियों को निकट भविष्य में आयोजित होने वाले एक सार्वजनिक समारोह में सम्मानित किया जाएगा। समारोह के माध्यम से विद्यार्थियों की उपलब्धि का सम्मान करने के साथ ही हिन्दी भाषा के प्रति रुचि, लगाव और अध्ययन की भावना को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा।
मंजू जोशी की स्मृति को समर्पित है सम्मान श्रृंखला
उल्लेखनीय है कि हिन्दी शिक्षिका मंजू जोशी का दो वर्ष पूर्व आकस्मिक निधन हो गया था। शिक्षण के क्षेत्र में उनके योगदान और हिन्दी विषय के प्रति उनके विशेष अनुराग को देखते हुए उनके परिजनों ने उनकी स्मृति को विद्यालय और विद्यार्थियों के बीच जीवंत बनाए रखने की पहल की। इसी उद्देश्य से उनके द्वारा पढ़ाए गए अंतिम बैच के विद्यार्थियों के इंटरमीडिएट उत्तीर्ण होने तक चार वर्षों के लिए ‘मंजू जोशी स्मृति हिन्दी मेधावी सम्मान’ शुरू करने की घोषणा की गई थी।
इस पहल के तहत प्रत्येक वर्ष हिन्दी विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया जा रहा है। इस वर्ष पुरस्कार श्रृंखला का दूसरा संस्करण आयोजित किया जा रहा है। सम्मान की यह पहल विद्यार्थियों में हिन्दी विषय के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने के साथ-साथ उन्हें बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करने का माध्यम भी बन रही है।
हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर हुआ था पहला आयोजन
सम्मान श्रृंखला का पहला आयोजन गत वर्ष हिन्दी दिवस की पूर्व संध्या पर किया गया था। कार्यक्रम में मूर्धन्य विद्वान एवं वक्ता डॉ. गोपाल कृष्ण जोशी ने सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत किया था। हिन्दी भाषा, उसकी उपयोगिता और साहित्यिक महत्व पर केंद्रित उस आयोजन ने विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को हिन्दी के प्रति नई दृष्टि देने का कार्य किया था।
मंजू जोशी स्मृति सम्मान को लेकर परिजनों की यह पहल केवल मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कृत करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे हिन्दी भाषा के प्रति विद्यार्थियों में रुचि पैदा करने और अध्ययन-अध्यापन की उस परंपरा को आगे बढ़ाने का उद्देश्य भी जुड़ा है, जिसके लिए मंजू जोशी को याद किया जाता है।
मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धि बनी प्रेरणा
हिन्दी विषय में हाईस्कूल स्तर पर 99 प्रतिशत और इंटर स्तर पर 97 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों का चयन इस बात को रेखांकित करता है कि आज भी विद्यार्थी हिन्दी विषय में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं और इसे गंभीरता से लेकर उच्च उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। सम्मान के माध्यम से ऐसे विद्यार्थियों को पहचान मिलने से अन्य छात्र-छात्राओं को भी हिन्दी विषय में बेहतर करने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है।
परिजनों का कहना है कि आने वाले समय में भी इस सम्मान को निर्धारित अवधि तक निरंतर जारी रखा जाएगा। सार्वजनिक समारोह में चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित किए जाने के साथ ही हिन्दी और शिक्षा के क्षेत्र में मंजू जोशी की स्मृतियों तथा उनके योगदान को याद किया जाएगा।
इस प्रकार ‘मंजू जोशी स्मृति हिन्दी मेधावी सम्मान’ एक ओर जहां दिवंगत शिक्षिका की स्मृतियों को संजोने की भावनात्मक पहल है, वहीं दूसरी ओर यह हिन्दी विषय में उत्कृष्टता हासिल करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने और नई पीढ़ी को अपनी भाषा के अध्ययन के लिए प्रेरित करने का सार्थक प्रयास भी बनता जा रहा है।
