सुरेंद्र कोली नाम बदलकर हरिद्वार में रह रहा था, 4 दिन पहले खोली दुकान
हरिद्वार। सुरेंद्र कोली सदाराम नाम से हरिद्वार में रह रहा था। पुलिस के मुताबिक, वह पथरी के मुस्ताफाबाद में भी कुछ दिन रहा। उसने अनिल शर्मा नाम के युवक से चार दिन पहले दुकान किराए पर ली थी। इसी दुकान में सुरेंद्र कोली रह रहा था। आसपास वालों को उसने अपना नाम सदाराम बताया था। जब पुलिस ने उसकी जेब टटोली तो आधार कार्ड और वोटर कार्ड से उसकी असली पहचान हो पाई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि मृतक सुरेंद्र कोली करीब चार दिन पहले ही हरिद्वार नगर कोतवाली क्षेत्र में आया था। उससे पहले वो हरिद्वार के रोशनाबाद में सिक्योरिटी गार्ड का काम कर रहा था।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, निठारी कांड के बाद सुरेंद्र कोली से परिवारवालों ने रिश्ता खत्म कर दिया था। 2006 निठारी कांड में उसकी गिरफ्तारी के बाद उसकी बीवी उससे आखिरी बार जेल में मिलने आई थी। उसके गृह नगर अल्मोड़ा से जानकारी मिली है कि सुरेंद्र कोली की बीवी ने 2006 में ही उससे रिश्ता खत्म कर दिया था और हरियाणा में किसी अन्य से विवाह कर लिया था। उसके दो भाई हैं, एक भाई और उसका परिवार दिल्ली में रहता है और दूसरा भाई अल्मोड़ा में किसी प्राइवेट स्कूल में शिक्षक है, जबकि उसकी भाभी एएनएम का काम करती हैं। सुरेंद्र कोली के पैतृक घर में उसकी मां ही रहती थी लेकिन, कुछ साल पहले उनका भी निधन हो गया था।
