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November 8, 2026

छात्रसंघ चुनाव से पहले पुलिस का एक्शन मोड, एसपी जितेंद्र मेहरा ने दिए कड़े निर्देश

सुरक्षा व्यवस्था से लेकर नशा तस्करी, यातायात, साइबर अपराध और लंबित विवेचनाओं तक की हुई गहन समीक्षा

ड्यूटी में लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई, छात्रसंघ चुनाव में लिंगदोह कमेटी की गाइडलाइंस का शत-प्रतिशत पालन कराने के निर्देश

बागेश्वर। आगामी छात्रसंघ चुनावों को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सकुशल संपन्न कराने के साथ-साथ जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए बागेश्वर पुलिस ने कमर कस ली है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा (IPS) ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को जनपद के समस्त राजपत्रित अधिकारियों, थाना प्रभारियों एवं विभिन्न शाखा प्रभारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से व्यापक समीक्षा बैठक की। बैठक में छात्रसंघ चुनाव की तैयारियों के साथ कानून व्यवस्था, नशे के अवैध कारोबार, यातायात, साइबर अपराध, महिला एवं बाल अपराध, लंबित विवेचनाओं तथा स्मार्ट पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई।

पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि ड्यूटी के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही, शिथिलता अथवा जिम्मेदारियों के निर्वहन में उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी अधिकारियों और थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाते हुए प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

छात्रसंघ चुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद करने के निर्देश

बैठक का प्रमुख केंद्र आगामी छात्रसंघ चुनाव रहा। पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों में चुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था का प्रभावी प्लान तैयार करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सकुशल संपन्न कराना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था, विवाद अथवा कानून-व्यवस्था संबंधी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए समय रहते आवश्यक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।

साथ ही छात्रसंघ चुनाव में लिंगदोह कमेटी की गाइडलाइंस का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए। चुनावी गतिविधियों पर नियमानुसार निगरानी रखने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

आईजी के निर्देशों पर रोजाना हो शत-प्रतिशत अमल

पुलिस अधीक्षक ने बैठक में पुलिस महानिरीक्षक, कुमाऊं परिक्षेत्र द्वारा कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा के संबंध में जारी किए गए प्रत्येक दिवस के प्रस्तावित कार्यों और बिंदुओं की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्धारित कार्यों पर शत-प्रतिशत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

उन्होंने थाना प्रभारियों से अपने-अपने क्षेत्रों की परिस्थितियों के अनुरूप पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

नशे के खिलाफ और तेज होगी पुलिस की कार्रवाई

बैठक में नशे के अवैध कारोबार को लेकर भी पुलिस अधीक्षक ने सख्त रुख अपनाया। सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नशे के अवैध कारोबार और ड्रग्स तस्करों के खिलाफ अधिक से अधिक प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने विशेष रूप से कहा कि डायल-112 पर नशे से संबंधित मिलने वाली किसी भी सूचना को गंभीरता से लिया जाए और पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करे।

एनडीपीएस एक्ट के मामलों में आरोपियों की जमानत निरस्तीकरण के लिए भी प्रभावी पैरवी करने के निर्देश दिए गए, ताकि नशे के कारोबार में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को मजबूत किया जा सके।

स्कूल-कॉलेज और चौराहों पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश

जनपद के प्रमुख मार्गों, चौराहों तथा स्कूल-कॉलेजों के आसपास यातायात व्यवस्था को लेकर भी एसपी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आम जनता और स्कूली बच्चों को जाम, अव्यवस्थित यातायात और सड़क दुर्घटनाओं जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रमुख स्थानों पर पुलिस की प्रभावी मौजूदगी और निगरानी सुनिश्चित की जाए।

यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

स्मार्ट पुलिसिंग को बढ़ावा, ई-बीट बुक और ‘इसाक्ष्य’ ऐप पर जोर

बैठक में पुलिसिंग को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने पर भी विशेष जोर दिया गया। सभी थाना प्रभारियों को ई-बीट बुक प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही ‘इसाक्ष्य’ ऐप के माध्यम से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने और पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक से अधिक डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को पुलिस सेवाओं का लाभ अधिक सुगमता से मिल सके।

60 से 90 दिनों के भीतर लंबित विवेचनाओं के निस्तारण के निर्देश

लंबित विवेचनाओं को लेकर भी एसपी ने अधिकारियों को स्पष्ट समयसीमा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि थानों में लंबित विवेचनाओं को हर हाल में 60 से 90 दिनों के भीतर पूरा किया जाए।

साथ ही थानों में लंबे समय से खड़े माल मुकदमाती और लावारिस वाहनों के शीघ्र निस्तारण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया, जिससे थानों में अनावश्यक रूप से स्थान घेर रहे वाहनों का नियमानुसार निस्तारण हो सके।

महिला और बाल अपराधों की साप्ताहिक समीक्षा होगी

महिला एवं बाल अपराधों को लेकर पुलिस अधीक्षक ने विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने थानों में दर्ज महिला एवं बाल अपराधों के मामलों की साप्ताहिक समीक्षा करने को कहा गया।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मामलों की प्रगति पर लगातार नजर रखने और पीड़ितों को नियमानुसार त्वरित पुलिस सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

साइबर अपराधों की हर सप्ताह समीक्षा

बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए प्रभारी साइबर सेल को प्रत्येक सप्ताह साइबर अपराध से जुड़े मामलों की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई। पुलिस अधीक्षक ने साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई और जनता को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इसके साथ ही MRM और GRM पोर्टल के सुचारू संचालन तथा इनके संबंध में आम जनता के बीच अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए, ताकि लोग उपलब्ध व्यवस्थाओं का प्रभावी ढंग से उपयोग कर सकें।

स्कूल-कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर हों जागरूकता कार्यक्रम

पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर अधिक से अधिक जागरूकता गोष्ठियां आयोजित करने के निर्देश दिए।

इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों और विद्यार्थियों को साइबर ठगी, नशे के दुष्परिणाम, अपराध से बचाव तथा पुलिस की विभिन्न सेवाओं के बारे में जानकारी देने को कहा गया। पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि जागरूकता के माध्यम से अपराध की रोकथाम को भी प्रभावी बनाना है।

थानों के नियमित भौतिक निरीक्षण पर जोर

एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने थानों का नियमित भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने थाना परिसर, अभिलेखों, लंबित मामलों और पुलिसिंग से जुड़े कार्यों की नियमित समीक्षा पर जोर दिया।

बैठक में एसपी ने बताया कि जनपद में ‘विवेचना सेल’ का गठन किया गया है। यह सेल सीधे सभी थाना प्रभारियों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी लाने का काम करेगा। इसका उद्देश्य विवेचनाओं की गुणवत्ता और गति दोनों को बेहतर बनाना है।

हर मोर्चे पर सक्रिय और जवाबदेह पुलिसिंग का संदेश

समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा ने स्पष्ट किया कि जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखना, अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना और आम जनता को बेहतर पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। आगामी छात्रसंघ चुनावों को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं, वहीं नशा, साइबर अपराध, यातायात और लंबित मामलों के निस्तारण को लेकर भी अधिकारियों को स्पष्ट लक्ष्य दिए गए हैं।

बैठक में दिए गए निर्देशों से साफ है कि छात्रसंघ चुनाव से लेकर आमजन की सुरक्षा और स्मार्ट पुलिसिंग तक पुलिस प्रशासन सभी मोर्चों पर निगरानी और कार्रवाई को तेज करने की तैयारी में है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रहें और दिए गए निर्देशों का समयबद्ध एवं प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करें।

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