सर बडियार में स्कूल बंद होने के कारण छात्रों के सामने शिक्षा का संकट पैदा
उत्तरकाशी, ( आखरीआंख ) पुरोला ब्लॉक के सुदूरवर्ती क्षेत्र सर बडियार में स्कूल बंद होने के कारण छात्रों के सामने शिक्षा ग्रहण करने का संकट पैदा हो गया है। दरअसल, यहां नजदीकी स्कूल को बंद कर दिया गया है। इसके चलते ग्रामीणों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। जो छात्र स्कूल जा भी रहे हैं, उन्हें जंगल के रास्ते से होकर हर रोज आने-जाने में कुल छह किमी की पैदल दूरी नापनी पड़ रही है। सबसे अधिक परेशानी से पौंटी और छानिका के प्राथमिक स्तर के बच्चों की है। सुदूरवर्ती क्षेत्र सरबडियार के गांवों में शिक्षा की बदहाल स्थिति है। अब सरकारी सिस्टम भी इन क्षेत्रों के स्कूलों को बंद करने की जुगत में लगा हुआ है। छह माह के अंतराल में प्राथमिक विद्यालय छानिका, प्राथमिक विद्यालय पौंटी और जूनियर हाईस्कूल पौंटी में विभाग ने ताले लगा दिए हैं। लंबे समय तक विभाग ने इन स्कूलों में शिक्षक नहीं भेजे। जिसके कारण आर्थिक रूप से संपन्न परिवारों ने गांव से पलायन किया। इसके कारण यहां छात्रों की संख्या दस से कम हो गई तो विभाग ने इन स्कूलों पर ताले लटका दिए। ऐसी स्थिति में सबसे अधिक संकट गरीब परिवारों के बच्चों के सामने आया, जिनके पास गांव में अपने बच्चों को शिक्षा देने के लिए कोई विकल्प नहीं है। सरकारी सिस्टम ने भी प्रभावित होने वाले गरीब छात्रों के बारे में कुछ नहीं सोचा। केवल यह कह दिया कि निकट के गांव के दूसरे स्कूलों में अपने बच्चों को भर्ती करा दें। डिगाड़ी गांव के कैलाश सिंह ने बताया कि पौंटी में करीब 50 तथा 40 परिवार छानिका में हैं। इन गांवों में कक्षा एक से लेकर कक्षा आठ तक के बच्चों को शिक्षा ग्रहण करने के लिए तीन किलोमीटर दूर सर गांव में जाना पड़ रहा है। रास्ता जंगल से होकर गुजरता है, जो जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो रखा है। ऐसे में बच्चों को जान खतरे में डालकर स्कूल जाना पड़ता है। इसके कारण दोनों गांवों के ज्यादातर लोग अपने छोटे बच्चों को तो स्कूल भेज ही नहीं पा रहे हैं।
