March 5, 2026

वनाग्नि रोकथाम को ग्राम स्तर तक हो प्रशिक्षण, कुमाऊँ कमिश्नर ने जिलाधिकारियों को वीसी में दिए सख्त निर्देश

बागेश्वर(  आखरीआंख ) -15 फरवरी से 15 जून तक वनाग्नि काल के दौरान वनाग्नि की घटनाओं को रोके जाने के संबंध में आयुक्त कुमाऊं मण्डल राजीव रौतेला द्वारा मंडल के सभी जिलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वनाग्नि की घटनाओं की रोकथाम हेतु जिला स्तर फायर प्लान के अंतर्गत की जा रही कार्यवाही के सबंध में सभी जिलाधिकारियों से जानकारी लेते हुए ग्रीष्मकाल में वनाग्नि की घटनाओं पर पूर्ण नियंत्रण के निर्देश दिये।वी सी के माध्यम से आयुक्त कुमाऊं श्री रौतेला ने कहा कि वनाग्नि की घटनाओं को रोके जाने हेतु सूचना तंत्र का मजबूत होना नितांत आवश्यक है इस हेतु जिला मुख्यालय में स्थापित आपदा नियंत्रण कक्ष में वनाग्नि की घटनाओं की सूचना प्राप्त हो इस हेतु इसका दूरभाष नंबर जनता में प्रसारित करने के साथ ही पुलिस तथा वन विभाग की जो संचार व्यवस्था है वह भी आपसी समन्वय स्थापित कर सूचनाओं का आदान प्रदान करें।उन्होंने कहा कि किसी भी वनाग्नि की घटना की सूचना प्राप्त होने पर कम से कम समय पर रिस्पांस करते हुए वनाग्नि पर तत्काल नियंत्रण करे। इसके अतिरिक्त आयुक्त कुमाऊं ने कहा कि वनाग्नि को रोके जाने हेतु वयापक रूप में जनजागरूकता अभियान चलाया जाय ।ग्रामीणों को इस हेतु जागरूक करने के लिए विद्यालय स्तर पर छात्र छात्राओं को वनाग्नि से होने वाले नुकशान के बारे में अवगत कराया जाय ताकि वह अपने घर पर अन्य पारिवारिक जनों को भी जागरूक कर सके, साथ ही आयुक्त ने कहा कि वन क्षेत्र से लगे जो भी गांव हैं उन्हें वनाग्नि की घटनाओं से होने वाले नुकसान से रोके जाने हेतु व्यापक सुरक्षा के कार्य कराए जाय। ग्रीष्मकाल में सभी सरकारी तंत्र अलर्ट रहकर कार्य करना सुनिश्चित करें।सभी सरकारी मशीनरी को सक्रिय रखा जाय।इसके अतिरिक्त वनाग्नि की घटनाओं को रोके जाने हेतु आमजन से सहभागिता लेते हुए विकास खण्ड तथा ग्राम पंचायत स्तर पर प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जाय।इसके अतिरिक्त मुख्य रूप से पिरूल से होने वाली वनाग्नि की घटनाओं को रोके जाने हेतु पिरूल को एकत्रित कर उसका उचित उपयोग किए जाने जो भी पॉलिसी बनार्इ गर्इ है उसके अनुरूप कार्य किया जाय तथा सूचना एकत्रित करने हेतु जिले मे व्हाट्सअप ग्रुप भी बनाया जाय।वी सी के माध्यम से आयुक्त कुमाऊ मण्डल द्वारा वनाग्नि को रोकने के लिए की गयी व्यवस्थाओं के संबंध में जिलाधिकारी से जानकारी ली गयी। जिस पर जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने आयुक्त महोदय को अवगत कराया है कि जनपद में वनाग्नि को रोकने के लिए दिनांक 06 मार्च 2019 को बैठक आयोजित की गयी थी जिसमें वन पंचायतों के अध्यक्षों एवं जनपदस्तरीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये है। और कहा कि सभी क्षेत्राधिकारी वनाग्नि को नियंत्रण करने के लिए अपने-अपने क्षेत्रों में सरपंचों, ग्राम प्रधानों, युवक/महिला मंगल दलों, एवं आम नागरिकों के साथ बैठक कर जनजागरूकता अभियान चलायेंगे और वनों में आग को रोकने के लिए ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित कराने के भी निर्देश दिये गये है। उन्होंने कहा कि वनाग्नि को रोकने के लिए ब्लाक स्तर, न्याय पंचायत स्तर पर एवं ग्राम पंचायतों में भी बैठकों का आयोजन कर अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने तथा अपने-अपने क्षेत्रों में निरंतर गस्त करने के निर्देश दिये गये है। उन्होंने कहा कि प्रभागीय वनाधिकारी सहित सभी वन क्षेत्राधिकारियों एवं वन रक्षकों से जंगलों में आग लगाने वालों पर पैनी नजर बनाये रखने के निर्देश दिये गये है तथा आग लगाने वालों के विरूद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही करते हुए एफ.आर्इ.आर. दर्ज कराते हुए भारी जुर्माना भी लगाने के निर्देश दिये गये है। उन्होंने कहा कि जनपद में आपदा कन्ट्रोल रूम स्थापित जो 24X7 कार्य कर रहा है। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में 06 वन रैंजों में 29 क्रू-स्टेशन स्थापित किये गये है। जिले में वनाग्नि की घटनाओं को पूर्णतया रोकथाम हेतु वन विभाग पूर्णतया कार्य कर रहा है।वी0सी0 में पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह, मुख्य विकास अधिकारी एस.एस.एस.पांगती, वन क्षेत्राधिकारी नारायण दत्त पाण्डे, अग्निशमन से महेश चन्द्र सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।