– सोमवती अमावस्या पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई गंगा में डुबकी
हरिद्वार, ( आखरीआंख ) सोमवती अमावस्या हरिद्वार के गंगाघाटों के साथ ही अन्य नदियों के तट पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान के साथ ही पूजा अर्चना की। साथ ही दान देकर पुण्य भी अर्जित किया। हरिद्वार के साथ ही ऋषिकेश के गंगा घाटों में श्रद्धालुओ की भीड़ रही। हरकी पैड़ी के घाटों सहित गंगा घाटों पर गंगा मैया के जयघोषों के बीच श्रद्धालुओं ने पुण्य की डुबकी लगाई। स्नान के बाद दान पुण्य के साथ ही वटअमावस होने के कारण वट वृक्ष की पूजा अर्चना कर परिक्रमा की गई।वही समाचार लिखे जाने तक 57 लाख 23 हजार श्रद्धालुओ ने गंगा स्नान कर पुण्य लाभ कमा अपने गंतव्य की ओर रवाना हो चुके थे। साथ ही खोया पाया सैल द्वारा 25 व्यक्ति को उनके परिजनों से मिलाया गया। जो अपने परिजनों से मेले में बिछुड गये थे।
सोमवती अमावस्या स्नान सभी अमावस्याओं के स्नान में प्रमुख माना जाता है। कुंभ-अर्द्धकुंभ के स्नानों के बाद सोमवती स्नान पर सबसे अधिक भीड़ जुटती है। यही कारण यहा कि सोमवार की तड़के से ही हरिद्वार में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।रविवार से ही अमावस्या का पुण्य काल शुरू हो गया था। इसलिए रविवार से ही लोग हरिद्वार पहुंचने लगे थे। रात भर से लोगों के पग हरकी पैड़ी की ओर बढ़ते रहे। ब्रह्म मुहूर्त से स्नान शुरू हुआ। दिन चढ़ने के साथ भीड़ बढ़ने लगी।हालत यह रहे कि भेल सेक्टर 1 स्थित शिव मूर्ति तक जाम लगा हुआ था।
पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) अशोक कुमार ,पुलिस महानिरीक्षक गढवाल परिक्षेत्र अजय रौतेला एंव एसएसपी हरिद्वार जन्मेजय खंडूरी द्वारा सोमवती अमावस्या स्नान को सकुशल सम्पन्न कराने हेतु प्रातः से ही हरकी पैड़ी व मेला क्षेत्रों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। रेलवे स्टेशन, बस अड्डा व भीड़भाड़ वाले इलाकों में सतर्कता व मुस्तैदी के साथ नजर बनाये रखने, सीसीआर से प्राप्त सूचनाध्शिकायत पर तत्काल कार्यवाही करने व श्रद्धालुओं को उचित मार्गदशर्न करते हुए उनके गंतव्य में रवाना करने हेतु एसएसपी द्वारा आदेश निर्गत किये गये साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने हेतु नेशनल हाईवे का निरीक्षण कर ड्यूटी पर नियुक्त पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए। जबकि सम्पूर्ण मेले की पुलिस व्यवस्था के प्रभारी (कमलेश उपाध्याय) पुलिस अधीक्षक नगर, हरिद्वार को नियुक्त किया गया था , जो सम्पूर्ण मेले की पुलिस व्यवस्था समय से कराने एवं कानूनध्शान्ति व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित रखने व पर्व को निर्विघ्न सकुशल सम्पन्न करायें। पर्व के अवसर पर सम्पूर्ण मेला क्षेत्र को 14 जोन तथा 38 सैक्टरों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन में पुलिस व्यवस्था के प्रभारी पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी तथा प्रत्येक सैक्टर के प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष, वरिष्ठ उ0नि0ध्उ0नि0 स्तर के अधिकारी नियुक्त किये गये थे ।
