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October 16, 2026

कृषि बीमा का हो व्यापक प्रचार प्रसार: प्रभारी जिलाधिकारी

बागेश्वर ।  किसानों की लागत, मेहनत फसल को होने वाली क्षति ऐसे न गवाये इसके लिए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा रबी/खरीफ की फसल के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की गयी है इसके सफल संचालन के लिए प्रभारी जिलाधिकारी राहुल कुमार गोयल की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में कृषि विभाग के अधिकारी, न्याय पंचायत प्रभारी एवं सी.एस.सी. सेंटर संचालकों के साथ किसानों के फसल की बीमा किए जाने के संबंध में बैठक ली।
प्रभारी जिलाधिकारी राहुल कुमार गोयल ने कहा कि किसानों की फसल की क्षति होने पर राज्य सरकार द्वारा प्रदेश में योजना के क्रियान्वयन हेतु एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कम्पनी ऑफ इण्डिया लिमिटेड ए.आर्इ.सी. को अधिकृत किया गया है। किसानों को फसल का बीमा करने के लिए 15 दिसम्बर 2019 अंतिम तिथि निर्धारित की गयी है। उन्होंने कहा कि फसल का बीमा करने के लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी नकल आदि दस्तावेजों के साथ न्याय पंचायत प्रभारियों से समन्वयय स्थापित करते हुए सी.एस.सी. सेंटर के माध्यमों से या बैंक की किसी निकटतम शाखा/सहकारी समिति(जहॉ उनका बचत खाता है) या क्राप इंश्योरेंस एप या फसल बीमा पोर्टल आदि के माध्यम से फसल का बीमा करवा सकते है। इस योजना के अन्तर्गत मौसम में उतार चढ़ाव, कम वर्षा अधिक वर्षा, कम तापमान एवं अधिक तापमान के कारण विपरीत प्रभाव से सेब, आडू, माल्टा, संतरा, आम, लीची, आलू, टमाटर एवं मटर आदि की फसल में संभावित हानि के कारण कृषकों को फसल के नुकसान की भरपार्इ के लिए फसल बीमा योजना लागू की गयी है साथ ही उन्होंने कहा कि इस योजना के अन्तर्गत केवल फसल सेब के लिए अन्य निश्चित कारणों के साथ-साथ ओलावृष्ट से होने वाले नुकसान को भी शामिल किया गया है ओलावृष्टि से होने वाले क्षति के संबंध में कृषक को 72 घंटे के अन्दर सूचना देना अनिवार्य है।
बैठक में मुख्य कृषि अधिकारी बीपी मौर्य ने बताया कि संचलित फसलों में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत न्याय पंचायत प्रभारियों एवं सी.एस.सी. सेंटरों के माध्यम से किसानों के फसल का बीमा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनपद के किसानों के फसल को ओलावृष्टि एवं मौसमी अन्य कारणों से क्षति का आंकलन कर मुआवजा भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विगत वर्ष खरीफ की फसल में जनपद के 3 हजार 490 किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अन्तर्गत 71 लाख की धनराशि वितरित की गयी। उन्होंने कहा कि जनपद में लगभग 47 हजार 522 किसान पंजीकृत है।
बैठक में प्रभारी जिलाधिकारी ने सभी न्याय पंचायत प्रभारियों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों को कहा कि किसानों के फसल के बीमा किए जाने हेतु न्याय पंचायत प्रभारी ग्राम पंचायतों में व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुए किसानों की फसल का बीमा करवायें जिससे निर्धारित तिथि तक लक्ष्य के सापेक्ष किसानों का बीमा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में आने वाली समस्या या कठिनार्इयों को दूर करने हेतु जनपद स्तर पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बीमा करने से कोर्इ भी किसान वंचित न रह पाये इसी उद्देश्य से सभी को एक टीम भावना के साथ कार्य करना है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों से संपर्क स्थापित कर किसानों के फसल का बीमा करवाने के लिए सहयोग लें, साथ ही किसान सम्मान पेंशन योजना के संबंध में भी किसानों के पेंशन लगाये जाने हेतु किसानों को जानकारी देने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि यह कार्य महत्वपूर्ण कार्य है इसमें किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाय, लापरवाही बरतने वाले संबंधितों के विरूद्ध कडी कार्यवाही भी अमल में लायी जायेगी।
बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 उदय शंकर, कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी गीतांजलि बंगारी, लीड बैंक अधिकारी मनोहर सिंह पांगती, जिला पूर्ति अधिकारी अरूण कुमार वर्मा, परियोजना प्रबन्धक आजीविका धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय एवं न्याय पंचायत प्रभारी व सीएससी सेंटरों के संचालक आदि मौजूद थे।

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