बागेश्वर में थम नही रहा गुलदार का हमला
घर के बाहर खड़े युवक पर गुलदार ने किया हमला
बागेश्वर। दुग- नाकुरी तहसील क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार का आतंक बना हुआ है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। सोमवार की देर शाम घर के बाहर खड़े युवक पर एक बार गुलदार ने हमला कर दिया। उसके पीठ तथा शरीर के अन्य भाग में नाखून के निशान हैं। युवक ने कमरे के अंदर भागकर अपनी जान बचाई। बाद में ग्रामीणों ने शोर शराबा किया तो गुलदार जंगल की ओर भाग गया। घटना की सूचना ग्रामीणों ने वन विभाग को भी दे दी है। किड़ई गांव निवासी खुशाल राम ने बताया कि सोमवार की शाम साढ़े पांच बजे वह परिवार के साथ आंगन में बैठे थे। इसी दौरान गुलदार गांव में धमक गया। जैसे ही वह उसे भगाने के लिए शोर मचाने लगा तो गुलदार ने उसके सात वर्षीय पोते नरेंद्र कुमार पुत्र दीवान राम के पीठ पर हमला कर दिया। गुलदार के हमले में उसके पीठ पर नाखून के गहरे निशान बने हुए हैं। पूरे परिवार के लोगों ने जब हल्ला मचाया तो आसपास के लोग भी जोर-जोर से शोर मचाने लगे। इसके बाद गुलदार जंगल की ओर भाग गया। गुलदार के हमले से लोग दहशत में हैं। उन्होंने इसकी जानकारी वन विभाग को दी। ग्रामीणों का कहना है कि एक महीने पूर्व गुलदार ने भूलगांव में एक बची का निवाला बनाया था। इसके बाद ग्रामीणों ने गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग को लेकर आंदोलन भी किया, लेकिन आज तक उनकी मांग नहीं मानी गई। उन्होंने जल्द समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। चेतावनी देने वालों में पूर्व प्रधान कविंद्र चौहान, भूपाल सिंह, खुशाल सिंह, लक्ष्मण सिंह, हिमत सिंह, चंद्र सिंह, पचार के पूर्व प्रधान नवीन पांडेय, ग्राम प्रधान सीमा पांडेय, चंद्रशेखर पांडे, मदन पांडेय, कैलाश चंद्र पांडेय, महोली के नंदन राम, बिशन राम आदि शामिल हैं। इधर, धरमघर के वनाधिकारी नारायण दत्त पांडे ने बताया कि घटना के बाद उनकी टीम मौके पर रवाना हो गई थी। उन्होंने खुद भी क्षेत्र का मौका मुआयना किया। गुलदार को पकडऩे के लिए पिंजड़ा भी गांव में लगा दिया है।
