चमोली अनसूया मंदिर में 11 को संतान प्राप्ति के लिए होगी पूजा
चमोली। सती मां अनसूया का दरबार सजने लगा है। दत्तात्रेय जयंती 11-12 दिसंबर को मां के दरबार में भव्य अनुष्ठान और पूजा होगी। दपति संतान कामना के लिये मंदिर में जागरण करेंगे। मान्यता है कि मां के दरबार से कोई खाली नहीं जाता। यहां आने वाले दपति को संतान की प्राप्ति जरूर होती है। चमोली जिले के मुयालय गोपेश्वर से 14 किमी दूर सती मां अनसूया के मंदिर में लगने वाले मेले और अनुष्ठान की पूरी तैयारियां हो गई हैं। जहां एक ओर प्रशासन ने व्यवस्था बनाने के लिए कवायद पूरी कर दी है । वहीं अनसूया मंदिर ट्रस्ट ने भी यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था की है। अनसूया मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष बीएस झिंक्वाण ने बताया कि संतान कामना के लिए मां के दरबार में आने वाले दपतियों ने पंजीकरण शुरू कर दिया है। बताया कि 11 दिसबंर को मां के दरबार में रात भर लोग संतान की कामना के लिए पूजा अर्चना करेंगे। कैसे पहुंचे- वाहन से मंडल अनसूया गेट तक पहुंचा जा सकता है। वहां से चार किमी पैदल सुंदर और घने जंगल के रास्ते से चलते हुए मां अनसूया के मंदिर में पहुंचा जा सकता है। दत्तात्रेय जयंती इस बार 11 दिसबंर को आ रही है। इसलिए संतान कामना के इछुक दपति 11 दिसबंर को दिन तक अनसूया मंदिर पहुंच जाएंगे। रात्रि भर मंदिर में संतान कामना के लिए जागरण करते हैं। अनसूया मंदिर के पूजारी डा. प्रदीप सेमवाल ने बताया कि मां अनसूया की अद्भुत कृपा है कि यहां से कोई खाली हाथ नहीं लौटता। इस बार कि विशेषता यह भी है कि 45 वर्षों के बाद माता अनसूया की डोली भ्रमण पर भी निकली है। और मां की डोली भी अनसूया मंदिर में पहुंची है।
