जिलाधिकारी ने आपदाग्रस्त सड़को को किये 18.61 रुपये स्वीकृत
बागेश्वर । प्रान्तीय खण्ड लोक निर्माण विभाग बागेश्वर के अधीन बागेश्वर-गिरीछीना मोटर मार्ग एवं बागेश्वर-कपकोट-तेजम स्टेट हार्इवे मोटर मार्ग आपदाकाल के दौरान अत्यधिक वर्षा, भू-स्खलन आदि के कारण क्षतिग्रस्त हो गये थे, इन मोटर मार्गों के निर्माण कार्य किये जाने हेतु प्रान्तीय खण्ड लोनिवि बागेश्वर के द्वारा 1861000 का आंगणन प्रस्तुत किया था जिसमें मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित तकनीकी जॉच समिति के द्वारा प्रस्तावों/आंगणनों की जॉच के उपरान्त दोनों क्षतिग्रस्त मोटर मार्गों के तात्कालिक निर्माण हेतु एवं आम जनता की समस्या को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने आपदा न्यूनीकरण निधि से निर्माण कार्य कराये जाने हेतु रू0 18.61 लाख की धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है, जिसमें बागेश्वर-गिरीछीना मोटर मार्ग के किमी 03 है0मी0(0-2) में मलुवा निस्तारण एवं सुरक्षात्मक कार्य तथा बागेश्वर-कपकोट-तेजम स्टेट हार्इवे किमी 01 में क्षतिग्रस्त दीवार व स्कपर का सुरक्षात्मक कार्य किया जाना है। जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिये है कि जिन मदों हेतु धनराशि स्वीकृत की गयी है धनराशि उसी मद में व्यय किया जाय। एक मद की धनराशि का उपयोग दूसरे मद में किसी भी दशा में न किया जाय और कार्य स्वीकृत लागत में ही पूर्ण हों, लागत में कोर्इ पुनरीक्षण अनुमन्य नहीं होगा, इसका पूर्ण उत्तरदायित्व अधिशासी अभियंता का होगा। कार्य कराते समय वित्तीय नियमों उत्तराखण्ड अधिप्राप्ति (प्रॉक्योरमैंट) नियमावली 2017 टेण्डर आदि नियमों का अनुपालन निश्चित रूप से सुनिश्चित किया जाय साथ ही धनराशि व्यय करते समय बजट मैनुअल वित्तीय हस्तपुस्तिका, उत्तराखण्ड अधिप्राप्ति नियमावली के सुसंगत प्राविधानों एवं मितव्यता के संबंध में शासन द्वारा समय-समय पर निर्गत आदेशों का अनुपालन कड़ार्इ से करना सुनिश्चित करें।जिलाधिकारी ने आम जनता को सड़क सुविधा का लाभ मिल सके और यातायात हेतु सड़कों की दशा दूरूस्त रहे इसी उद्देश्य से सड़कों का निर्माण कार्य कराये जाने हेतु संबंधित अधिशासी अभियन्ता को कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि जो धनराशि क्षतिग्रस्त दीवार व स्कपर, मलबा निस्तारण एवं सुरक्षात्मक कार्य किये जाने प्रदान की जा रही है, उन्हें गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूर्ण करना सुनिश्चित करें। कार्यों में लापरवाही बरतने व गुणवत्ता में कमी पाये जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्यवाही भी अमल में लायी जायेगी।
