न्यूनतम वेतनमान को नौवे दिन भी धरने पर डटी रहीं आंगनबाड़ी वर्कर
बागेश्वर। जिले की सभी तहसील मुयालयों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का अनिश्तिकालीन धरना जारी है। मंगलवार को जिला मुयालय में आंदोलन कर रही कार्यकत्रियों को मनाने के लिए एसडीएम और जिला कार्यक्रम अधिकारी धरना स्थल गए। उन्होंने कई तरह से उन्हें मांग पूरी करवाने का आश्वासन दिया, लेकिन आर-पार की लड़ाई का मन बना चुकी कार्यकत्रियों के सामने उनकी एक न चली। कार्यकत्रियों ने मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी। बता दें मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं धरने पर डटी हैं। उन्होंने कहा लंबे समय से सरकार और प्रशासन को समस्याओं के बारे में बताया जा रहा है। इसके बावजूद उनकी लगातार उपेक्षा की जा रही है। कहा सरकार उनसे जितना काम लेती है, उसके एवज में बहुत कम मानदेय मिलता है। कई महिलाएं विधवा और परित्यक्ता हैं, जिनके लिए मानदेय की राशि बेहद कम पड़ती है। इतने खर्च में उन्हें अपना परिवार चलाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा अब आर-पार की लड़ाई का समय है। जब तक सरकार उनकी मांग को पूरा नहीं करती आंदोलन चलता रहेगा। इधर, मंगलवार को एसडीएम, बाल विकास के जिला कार्यक्रम अधिकारी और परियोजना अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकत्रियों ने उनकी नहीं सुनी। उन्होंने मांग पूरी होने पर ही आंदोलन समाप्त करने की बात कही। यहां जिलाध्यक्ष भगवती जोशी, लीला आर्या, देवकी रावत, प्रदेश उपाध्यक्ष विमला कोहली, किरन साह, बसंती देवी, मुन्नी पांडे, माया दफौटी, शोभा बिष्ट, सरिता टटा आदि रहे। इधर, जिले के गरुड़, कांडा, कपकोट, काफलीगैर आदि तहसीलों में भी कार्यकत्रियों ने न्यूनतम मानदेय 18 हजार करने सहित अन्य मांगों को लेकर धरना दिया। उन्होंने कहा वे अपनी मांग मनवाकर ही आंदोलन समाप्त करेंगी।
