March 15, 2026

रिठाड़ में झोड़े चाचरी से हुआ होली का समापन

बागेश्वर, गरुड़ । गरुड़ विकास खण्ड में होली का नाम जुबान पर आते ही द्योनाई घाटी की होली की झलक प्रत्येक आदमी के दिल व दिमाग मे बरबस कौध जाती हैं।
अफसोस कि बदलते जमाने ने हमारी इस विरासत को अपने गिरफ्त में इस कदर से जकड़ा है कि आज कोई भी अपने ग्राम में होली के आयोजन की हिम्मत ही नही जुटा सकता हैं। जिसका एकमात्र कारण हैं ।हमारे युवाओ में शराब की बढ़ती हुई लत ।
यही कारण है कि अब इस समस्त क्षेत्र में प्रत्येक गाँव मे होली के पावन मौके पर झोड़े चाचरी गाकर काम चलाया जा रहा हैं।
इसी कामचलाऊ रीति में आज ग्राम रिठाड़ में होली के समापन के शुभ अवसर पर ग्रामवासियों के द्वारा भव्य झोड़ा चाचरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

माँ कालिका मन्दिर में सभी ग्रामवासियों द्वारा पूजा अर्चना के बाद गाँव की महिलाओं ने डैना हया हो खोली का गणेशा हो झोड़ा गाकर सभी देवी देवताओं से प्रार्थना की व उनका आशीर्वाद लिया ।
ततपश्चात सभी नए व पुराने झोड़े गाकर उन्होंने उपस्थित दर्शक वर्ग को भाव विभोर कर दिया ।
कार्यक्रम का समापन सूजी व आलू के गुटके का स्वाद लेकर अगले वर्ष फिर इसी क्रम को दोहराने के वादे के साथ किया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी की भूमिका अहम रही ।
यहाँ एक विशेष उल्लेखनीय बात का जिक करना भी जरूरी हो जाता है कि पूरे दिनभर आज गाँव का कोई भी व्यक्ति शराब का सेवन किया हुआ नजर नही आया जो कि आने वाले समय के लिए एक शुभ संकेत हैं और इस बात पर मैं अपनी युवा पीढ़ी को विशेष धन्यवाद भी देना चाहूंगा।
झोड़ा गायन में बसन्ती देवी दुर्गा देवी राधिका देवी नीमा देवी मुन्नी देवी मोहनी देवी रमोती देवी दीपा तारा गीता मंजू राधा ममता मंजू पुष्पा व नीरू सहित सभी गाव की महिलाओं ने भागीदारी की व हीरा सिंह बलवंत सिंह बिशन सिंह ग्रीश सिंह उमेद सिंह सुंदर सिंह कुंदन सिंह गोपाल योगेश भगवत सिंह केदार सिंह दान सिंह हरीश सिंह मोहन सिंह राजेन्द्र सिंह मनोहर सिंह व सरपँच अर्जुन राणा सहित सभी नवयुवक व बच्चों ने भी बढ़चढ़कर शिरकत की व सभी ने अगले वर्ष फिर एकदुसरे की मंगल कामना के साथ और भव्यता के साथ कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया ।