March 6, 2026

2लाख 10 हजार रुपये खर्च कर गुजरात से हरिद्वार पहुंचे लोग

हरिद्वार। सरकार की ओर से भले ही प्रदेश के प्रवासियों को लाने का खर्च उठाने की बात कही जा रही हो। लेकिन, हकीकत यह है कि गुजरात के अहमदाबाद और सूरत में फंसे उत्तराखंड के प्रवासी दो लाख दस हजार रुपये खर्चकर वापस लौटे हैं। ये सभी 30 लोग हरिद्वार पहुंचे। इन्होंने किसी तरह चंदा जमा कर वाहन बुक किया। वहीं गुरुग्राम से सात बसें रुद्रप्रयाग के 242 लोगों को लेकर हरिद्वार पहुंचेंगी।
लॉकडाउन की घोषणा के बाद बनी विकट परिस्थितियों के चलते बाहरी रायों में रह रहे प्रवासी हर हाल में अपने राय लौटना चाहते हैं। लेकिन, सरकार की ओर से इसे लेकर अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इससे निराश होकर सूरत और अहमदाबाद में फंसे प्रदेश के 30 लोगों ने दो लाख 10 हजार में निजी वाहन बुक किया। इसके बाद वह गुजरात सरकार से अनुमति लेकर मंगलवार को निकल गए। इनमें कैलाश जगूड़ी निवासी देहरादून, संपूर्णानंद पैन्यूली उत्तरकाशी, शिशुपाल सिंह रुद्रप्रयाग, कृष्णानंद जगूड़ी उत्तरकाशी, गोदांबरी देवी, शैला देवी, विनोदा देवी आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि वह आपस में किसी तरह से चंदा एकत्र कर हरिद्वार लौटे हैं।
गढ़वाल के युवाओं को भेजने की नहीं हुई अब तक कोई व्यवस्था
पूर्व पालिकाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी के आश्रम में रह रहे गढ़वाल के युवाओं को भेजने की अभी तक कोई व्यवस्था नहीं की गई है। इनमें पौड़ी गढ़वाल, चमोली, उत्तरकाशी के 45 युवा शामिल हैं, जो हरिद्वार में काम करते हैं। आश्रम के परमाध्यक्ष सतपाल ब्रह्मचारी ने बताया कि उन्होंने मुय विकास अधिकारी विनित तोमर समेत केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और पूर्व मुयमंत्री हरीश रावत से वार्ता कर युवाओं को भेजने की गुहार लगाई थी। लेकिन, अभी तक कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है।
खुले आसमान के नीचे सो रहे लोग
अपने घरों को लौटने की आस में लोग भल्ला इंटर कॉलेज के मैदान के बाहर ही आसपास के क्षेत्र में घूम रहे हैं। जहां वह दिन में मेडिकल टीम से स्क्रीनिंग कराते हैं। इनमें मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल आदि के रहने वाले लोग हैं। ये लोग रात को भी भल्ला मैदान के बाहर ही सो जा रहे हैं।