May 8, 2026

प्रवासियों को बागवानी के लिए करें प्रेरित: डीएम रंजना राजगुरु

 

बागेश्वर। जिलाधिकारी रंजना राजगुरु ने कहा जिले में बागवानी को बढ़ावा देने के लिए बेहतर ढंग से काम करने की जरूरत है। उन्होंने उद्यान अधिकारी से भौगोलिक स्थितियों को देखते हुए बेहतर कार्ययोजना बनाने और बाहरी रायों से आने वाले प्रवासियों को बागवानी के लिए प्रेरित करने को कहा। साथ ही उन्हें विभागीय योजनाओं की जानकारी देने के भी निर्देश दिए। जिला कार्यालय में डीएम ने एकीकृत बागवानी विकास के तहत प्रस्तावित कार्य योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला स्तरीय मिशन कमेटी की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों से सब्जी, मसाला, फल, फूलों की खेती के लिए विशेष ढंग से कार्ययोजना बनाने को कहा। उन्होंने सिंचिंत खेती वाले क्षेत्रों में पानी की परेशानी दूर करने के लिए सीडीओ को कृषि, उद्यान, सिंचाई व लघु सिंचाई विभाग की संयुक्त कमेटी बनाने को कहा। जो कलस्टर के रूप में उस क्षेत्र से संबंधित समस्याओं को देखेंगे और एक मजबूत रणनीति के तहत गूल, तालाबों व नहरों का निर्माण करेंगे। ताकि किसानों को सिंचाई करने में समस्या न हो और आसानी से अपनी फसलों का उत्पादन कर सकें। बैठक में सीडीओ डीडी पंत, डीडीओ केएन तिवारी, मुय कृषि अधिकारी वीपी मौर्या, जिला पंचायत राज अधिकारी रामपाल सिंह, गिरीश जोशी, प्रगतिशील किसान पूरन सिंह मेहता, राजेश चौबे आदि मौजूद रहे।

साल 2020-21 के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना

बागेश्वर। जिला उद्यान अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि साल 2020-21 के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना के तहत फल क्षेत्र विस्तार में आम के लिए नौ, लीची के लिए 10, अनार के लिए दो, सिंट्रस के तीन, अखरोट के 10, आड़ू के पांच, नाशपाती के दो और बादाम के लिए एक हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रस्तावित किया गया है। सब्जी विस्तार के लिए 120, लहसुन के लिए पांच, हल्दी के लिए 10 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रस्तावित किया गया है। उद्यानों के जीर्णोद्धार के लिए भी कार्ययोजना बनाई गई है। जिसमें नाशपाती के लिए चार, नींबू प्रजाति के लिए छह, आम के लिएतीन और सेब के लिए दो हेक्टेयर क्षेत्रफल प्रस्तावित किया गया है। सब्जी क्षेत्र के विस्तार के तहत हाइब्रिडल सब्जी उत्पाद के लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार के लागत का 50 प्रतिशत अनुदान 25 हजार अधिकतम लाभार्थी दो हेक्टेयर के लिए दिया जाना है। मसाला क्षेत्र के विस्तार के तहत बीज मसाले एवं प्रकंदी मसाले के उत्पादन के लिए प्रति हेक्टेयर 30 हजार लागत पर 50 प्रतिशत यानि 15 हजार अधिकतम का अनुदान दिया जाएगा।