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October 26, 2026

सीएम ने किया त्रिस्तरीय पंचायतों को 238.38 करोड़ की धनराशि का डिजिटल हस्तान्तरण-

देहरादून। मुयमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सोमवार को सचिवालय में डिजिटल माध्यम से त्रिस्तरीय पंचायतों (ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत) को कुल 238.38 करोड़ रूपये की धनराशि का हस्तांतरण किया। जिसमें 15वें वित्त आयोग की प्रथम किश्त एवं राय वित्त आयोग की धनराशि का एक साथ डिजिटल हस्तांतरण किया गया। जिसमें उत्तराखण्ड की 7791 ग्राम पंचायतों, 95 क्षेत्र पंचायतों एवं 13 जिला पंचायतों के लिए 15 वें वित्त आयोग की 143.50 करोड़ रूपये की अनटाईड अनुदान धनराशि एवं राय वित्त आयोग की 94.88 करोड़ की धनराशि शामिल है। डिजिटल इंडिया प्रोग्राम के तहत 15 वें वित्त आयोग एवं राय वित्त आयोग द्वारा पंचायतों हेतु संस्तुत अनुदानों को ऑनलाईन एक साथ डिजिटल हस्तान्तरण के माध्यम से संबंधित पंचायतों को हस्तान्तरित करने की शुरूआत की गई। इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रथम चरण में 09 फरवरी 2020 को हरिद्वार में आयोजित जिला पंचायत अध्यक्षों/उपाध्यक्षों एवं क्षेत्र पंचायत प्रमुखों के अभिमुखीकरण कार्यक्रम में केन्द्रीय पंचायतीराज मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर एवं मुयमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत द्वारा 14वें वित्त आयोग एवं राय वित्त आयोग की धनराशियों के एकमुश्त डिजिटल हस्तान्तरण की शुरूआत की गई। मुयमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने कहा कि भारत सरकार द्वारा लागू मा. प्रधानमंत्री जी की महत्वाकांक्षी योजना डिजिटल इंडिया का प्रोग्राम का उद्देश्य सरकारी सेवाओं को उन्नत करना, सरकारी योजनाओं की जानकारी ऑनलाईन पंहुचाना एवं ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री जी द्वारा राष्ट्रीय पंचायत दिवस के अवसर पर 24 अप्रैल 2020 को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल का शुभारभ किया गया। उन्होंने कहा कि इससे जहां एक ओर राजकीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी वहीं पोर्टल के माध्यम से पंचायत को केन्द्रीय वित्त एवं राय वित्त व अन्य स्त्रोतों से प्राप्त धनराशि एवं पंचायत में कराये जा रहे विकास कार्यों की प्रगति के साथ-साथ अन्य जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं। मुयमंत्री त्रिवेन्द्र ने कहा कि पंचायतों को एक साथ धनराशि का डिजिटल हस्तान्तरण से पंचायतों को विकासपरक योजनाओं के साथ-साथ कोरोना वायरस महामारी से ग्रामवासियों केे बचाव हेतु आवश्यक उपायों और बाहर से आये नागरिकों को संस्थागत क्वारंटीन सबंधी व्यवस्था हेतु सामुदायिक भवनों की स्वछता, विद्युत व्यवस्था, पेयजल, सैनिटाइजेशन एवं अन्य आवश्यक कार्यों को पूर्ण करने में सहायता मिलेगी। इस अवसर पर जानकारी दी गई कि वित्त विभाग के शासनादेश के अनुसार केन्द्रीय वित्त के संदर्भ में प्राथमिक अनुदान अनटाईड है, जिसका उपयोग स्थानीय निकायों द्वारा स्थान-विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है। राय वित्त आयोग की अनुदान राशि से निर्वाचित जन प्रतिनिधियों का मानदेय पंचायतीराज विभाग द्वारा भुगतान किया जायेगा। अवशेष धनराशि में से 20 प्रतिशत धनराशि कोरोना महामारी के बचाव हेतु प्रचार-प्रसार, सेनेटाईजेशन व महामारी से सबंधित अन्य कार्यों पर व्यय की जायेगी। इसके अलावा जलापूर्ति व्यवस्था, सीवरेज ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल निकासी एवं स्वछता, सामुदायिक परिसपतियों के रख-रखाव, स्ट्रीट लाईट तथा आंगनबाड़ी भवनों का निर्माणध्अतिरिक्त कक्षा कक्ष का निर्माण एवं सामुदायिक भवन निर्माण आदि विकास कार्य किये जायेंगे। इस अवसर पर सचिव पंचायतीराज बृजेश कुमार संत, निदेशक पंचायतीराज एच.सी. सेमवाल एवं पंचायतीराज विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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