March 22, 2026

भावुक हुए मोहम्मद सिराज, कहा- मैं रो रहा था, विराट भैया ने गले लगाकर कहा कि तुम्हारे साथ हूं

संन्यास क्यों लिया, इसके भयावह विवरण में नहीं जाना चाहता : आमिर
नई दिल्ली , ।  पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर का कहना है कि वह इस बात का खुलासा नहीं करना चाहते कि उन्होंने किन हालातों में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया, क्योंकि इसके पीछे की दास्तां भयावह है। आमिर अपने करियर के शुरुआती दौर में स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों के चलते पांच वर्षो का प्रतिबंध झेल चुके थे। आमिर ने 2019 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लिया था जबकि पिछले साल अगस्त में उन्होंने क्रिकेट के सभी प्रारूप को अलविदा कह दिया था।
आमिर ने कहा, अपने देश के लिए जिस खेल को खेलते हैं उससे संन्यास लेना आसान नहीं होता है। मैंने इस फैसले को लेने से पहले काफी सोचा। मैंने अपने करीबियों से इस बारे में चर्चा और तब फैसले पर पहुंचा था।
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उन्होंने कहा, अगर मैं विस्तृत जानकारी में जाऊं और उन चैप्टर को दोबारा खोलूं तो यह काफी भयावह हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि हमारे खिलाड़ी, विशेषकर युवा भविष्य में इन चीजों का सामना नहीं करेंगे जो मुझे करना पड़ा। मैं नहीं चाहता कि हमारे युवा खिलाड़ी अपने करियर का बलिदान दें जैसा मैंने किया।
आमिर के आलोचकों का कहना है कि वह देश के बजाए फ्रेंचाइजी लीग में खेलना पसंद करते हैं, इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें वैसा सम्मान नहीं मिला जिसके वह हकदार थे।
आमिर ने कहा, मेरे लिए सम्मान ज्यादा मायने रखता है और मुझे लगता है कि मुझे वो सम्मान नहीं मिला जिसका मैं हकदार था और इसलिए मैंने संन्यास लेने का फैसला किया।
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)वीडियो विशलेषण से हमें मदद मिली : अमित
बेंगलुरु , । भारतीय पुरुष हॉकी टीम के डिफेंडर अमित रोहिदास का मानना है कि टीम को हाल ही में यूरोप और अर्जेटीना दौरे पर मिली सफलता में वीडियो विशलेषण की भूमिका अहम रही।
अमित यहां भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) पुरुष सीनियर संभावित टीम के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं। उनका कहना है कि वीडियो विशलेषण से टीम को हाल के यूरोप और अर्जेटीना दौरे में फायदा पहुंचा था।
अमित ने कहा, वीडियो विशलेषण ने टीम की तैयारियों में अहम भूमिका निभाई है। इससे हमें दोनों दौरे पर मदद मिली है। हम अपने विरोधियों के खेलने के तरीके का विशलेषण कर सके और हमने इससे स्थिति को अच्छे से भांपा। हमारे पास मैदान का अनुभव ज्यादा नहीं था लेकिन मैं कह सकता हूं कि हमने वीडियो विशलेषण के जरिए अच्छा होमवर्क किया और इसका हमें फायदा मिला।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम हाल ही में अर्जेटीना दौरे से लौटी है जहां उसने गत ओलंपिक चैंपियन अर्जेटीना को एफआईएच हॉकी प्रो लीग के दोनों मैचों में हराया था और चार में से दो अभ्यास मैच जीते थे।
28 वर्षीय डिफेंडर ने कहा, शिविर में भी हम वीडियो विशलेषण के जरिए उस क्षेत्र में काम कर रहे हैं जहां हमारी टीम को सुधार करने की जरूरत है, इसलिए ओलंपिक को देखते हुए यह हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
अमित ने कहा, एक टीम के रूप में भी हम जीत और हार को लेकर ज्यादा परेशान नहीं हुए। हमने इसे ओलंपिक की तैयारियों को देखते हुए एक अवसर के रूप में लिया। दोनों दौरे पर हमारा अनुभव काफी शानदार रहा। मुझे लगता है कि हमने अच्छी लय हासिल की और आगे भी इसे बरकरार रखना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय टीम का एकमात्र ध्यान ओलंपिक की तरफ केंद्रित है और हाल के सफलतापूर्वक दौरे से टीम का मनोबल बढ़ा है। अमित ने कहा, ओलंपिक के सिवाय अभी हम कुछ और नहीं सोच रहे हैं। शीर्ष टीमों के खिलाफ खेलने से हमारा मनोबल बढ़ा है और हम लगातार कड़ी मेहनत करना चाहते हैं।
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)घरेलू क्रिकेट ने मुझे संयम रखना सिखाया : नागवसवाला
नई दिल्ली  ।  इंग्लैंड दौरे के लिए स्टैंडबाई खिलाड़ी के तौर पर शामिल किए गए तेज गेंदबाज अर्जन नागवसवाला का कहना है कि घरेलू क्रिकेट ने उन्हें संयम रखना सिखाया।
नागवसवाला ने कहा, घरेलू क्रिकेट से अभ्यास के लिए रूटीन की महत्ता का पता चलता है। इसके अलावा यह समझ में आता है कि अभ्यास के दौरान कैसे गेंदबाजी करनी है। अगर आप इस प्रक्रिया का सही से पालन करेंगे तो आपको मन मुताबिक नतीजे मिलेंगे।
उन्होंने कहा, इसके लिए संयम रखना काफी जरूरी है। किसी के साथ खुद की तुलना करने का सवाल पैदा नहीं होता है। इस बारे में भी नहीं सोचना चाहिए कि किसी का चयन कैसे हुआ और मेरा नहीं हुआ।
नागवसवाला ने टीम इंडिया के पूर्व बल्लेबाज पाॢथव पटेल को भी श्रेय दिया जो गुजरात राज्य टीम के कप्तान भी थे।
उन्होंने कहा, मैंने 2018 में विजय हजारे ट्रॉफी के दौरान पार्थिव के नेतृत्व में डेब्यू किया था। वह जिस तरह खेल के दौरान अपने दिमाग का इस्तेमाल करते हैं वो अलग स्तर का होता है। वह मुझे कहते थे कि तुम्हें बस गेंद से अपनी भूमिका पता होनी चाहिए।
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)न्यूजीलैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज बीजे वॉल्टिंग, इंग्लैंड दौरे के बाद लेंगे संन्यास
बेंगलूरु , । न्यूजीलैंड के विकेटकीपर बल्लेबाज बीजे वॉल्टिंग इस साल जून में इंग्लैंड दौरे के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लेंगे। वह इंग्लैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैच खेलेंग और फिर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में भारत के खिलाफ खेलेंगे। यह उनका आखिरी टेस्ट मैच होगा।35 वर्षीय वॉल्टिंग न्यूजीलैंड के सबसे कामयाब विकेटकीपर हैं। उनके नाम 257 शिकार हैं। इसमें 249 कैच और 8 स्टंपिंग हैं। इसके अलावा बतौर फील्डर भी उन्होंने 10 कैच लपके हैं।बीजे वॉल्टिंग ने न्यूजीलैंड के लिए 73 टेस्ट मै खेले हैं। उन्होंने 38.11 के औसत से 3773 रन बनाए हैं। इसमें8 शतक और 19 हाफ सेंचुरी बनाई हैं। उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 205 रन का है जो उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ माउंट माउनगाउनी में नवंबर 2019 में बनाए थे। उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए 28 वनडे इंटरनैशनल और पांच टी20 इंटरनैशनल मैच खेले हैं।
वॉल्टिंग ने अपने करियर की शुरुआत टेस्ट ओपनर के रूप में की। इसके बाद उन्होंने मध्यक्रम में बैटिंग की।
अपने बयान में वॉल्टिंग ने कहा, यह अलविदा कहने का सही समय है। न्यूजीलैंड का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात है और खास तौर पर टेस्ट कैप पहनना। टेस्ट क्रिकेट खेल का असली रूप है। और मैंने इस फॉर्मेट में टीम के लिए खेलना हर मिनट इन्जॉय किया।
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भावुक हुए मोहम्मद सिराज, कहा- मैं रो रहा था, विराट भैया ने गले लगाकर कहा कि तुम्हारे साथ हूं
नई दिल्ली , । सिराज को खिलाड़ी बनाया उनके ऑटो चालक पिता ने, जिन्होंने अपने बेटे के सपने को पूरा करने के लिए जी-तोड़ मेहनत की, लेकिन अफसोस कि आज अपने लाड़ले को सफलता की सीढ़ी चढ़ते देखने के लिए वो इस दुनिया में ही नहीं है।
एक खिलाड़ी जिसने कभी हालातों से समझौता नहीं किया। एक खिलाड़ी जिसने हर चुनौती का डटकर सामना किया। एक खिलाड़ी जिसे पिता की मौत ने और मजबूत बनाया। हम बात कर रहे हैं टीम इंडिया के नए उभरते तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज की। डेब्यू 2017 में ही हुआ लेकिन तब कुछ खास नहीं कर पाए थे सिराज को असल कामयाबी मिली साल 2020 में, जब आईपीएल का 13वां सीजन यूएई में खेला जा रहा था। आरसीबी की ओर से उन्होंने नौ मैच में 11 विकेट चटकाए और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाने वाली इंडियन टीम में चयन हो गया। उधर भारत में उनके पिता की तबीयत और बिगड़ रही थी, लेकिन सख्त चरंटीन नियमों के चलते वह भारत नहीं लौट पाए और यूएई से ही ऑस्ट्रेलिया की उड़ान भरनी पड़ी।ऑटो चालक मोहम्मद गौस भी यही चाहते थे कि बेटे वह सपना जिए, जिसे पूरे परिवार ने मिलकर देखा था। इधर टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेल रही थी तो उधर हैदराबाद में दिल दुखा देने वाली घटना हो गई। लंबी बीमारी के बाद उनके पिता चल बसे। सिराज ने ऑस्ट्रेलिया में ही रुकना बेहतर समझा और टीम के साथ ट्रेनिंग जारी रखी। इन मुश्किल हालातों में वह अकेले नहीं थे, बल्कि पूरी टीम उनके साथ खड़ी थी।सिराज कहते हैं, मैं टूट चुका था और मुझे कुछ समय नहीं आ रहा था। वो विराट भैया ही थे, जिन्होंने मुझे ताकत दी। मेरा करियर उन्हीं के कारण है। वो मुझे हर हाल में सपोर्ट करते हैं। वो मेरे साथ खड़े रहे। मुझे याद है होटल रूम में जब मैं रो रहा था तब विराट भैया मेरे पास आए और उन्होंने मुझे गले लगाया। मुझसे कहा चिंता मत करो, हम तुम्हारे साथ हैं। और विराट भाई के इन शब्दों से ही मुझे ताकत मिली।सीनियर खिलाडिय़ों की चोट के चलते सिराज को सीरीज में तीन मैच खेलने का मौका मिला। इस अवसर को उन्होंने दोनों हाथों से भुनाया। कुल 13 विकेट चटकाए और गाबा टेस्ट में एक पारी में 5 विकेट भी झटके थे। सिराज याद करते हैं कि विराट भैया ने मुझसे कहा था तुम्हारे भीतर काबिलियत है। तुम किसी भी विकेट पर खेलने की काबिलियित रखते हो और अच्छे से अच्छे बल्लेबाजों को आउट करने की क्षमता भी रखते हो। विराट भैया ने मुझसे कहा था कि तुम्हारे में काबिलियत है। तुम में किसी भी विकेट पर खेलने की काबिलियित है और अच्छे से अच्छे बल्लेबाजों को आउट करने की क्षमता है। इस शानदार फॉर्म को सिराज ने आईपीएल के 14वें सीजन में भी बरकरार रखा। आईपीएल-14 के टलने तक 7 मैच खेले और 6 विकेट लिए। अब सिराज का चयन इंग्लैंड जाने वाली 20 सदस्यीय भारतीय टीम में भी हो गया है। इस दौरे पर टीम इंडिया वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल और इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलेगी।