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October 14, 2026

जेम्स एंडरसन की टिप्पणी पर रवींद्र जडेजा का करारा जवाब, याद की 2014 की वो घटना

इंग्लैंड में शतक हमेशा विशेष होता है, आत्मविश्वास बढ़ाने का काम करता है : जडेजा
बर्मिंघम, । भारत के सीनियर आल राउंडर रविंद्र जडेजा को लगता है कि इंग्लैंड के मुश्किल भरे हालात में शतक जडऩे से बल्लेबाज के तौर पर उनकी प्रतिष्ठा में ही इजाफा नहीं होगा बल्कि यह उनके करियर में आत्मविश्वास बढ़ाने का काम भी करेगा।
जडेजा ने 194 गेंद में 104 रन की पारी खेलकर ऋषभ पंत (111 गेंद में 146 रन) के साथ छठे विकेट के लिये 222 रन की भागीदारी निभायी और भारत को यहां इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम टेस्ट में पहली पारी में पांच विकेट पर 98 रन से वापसी करायी।
जडेजा का यह विदेश में पहला शतक था। उन्होंने एजबेस्टन पर तीसरे दिन के खेल के बाद कहा, मैं बहुत खुश हूं कि मैंने भारत के बाहर एक शतक जड़ा और वो भी इंग्लैंड में। एक खिलाड़ी के लिये यह बड़ी चीज है।
जडेजा ने कहा, मैं इंग्लैंड की मुश्किल परिस्थितियों में बनाये गये इस शतक को आत्मविश्वास बढ़ाने के तौर पर लूंगा।
पिछले कुछ वर्षों में जडेजा की बल्लेबाजी में काफी सुधार हुआ है। उन्होंने कहा कि इंग्लैंड में बल्लेबाज को सफलता हासिल करने के लिये सबसे महत्वपूर्ण चीज है, गेंद का अंदाजा लगाने की काबिलियत।
उन्होंने कहा, इंग्लैंड में आपको अपने शरीर के करीब से खेलना होता है क्योंकि अगर आप कवर ड्राइव और स्क्वेयर ड्राइवर खेलने की कोशिश करोगे तो आपका विकेट के पीछे और स्लिप में लपकने के मौके होते हैं।
उन्होंने कहा, इसलिये मेरा ध्यान ऑफ-स्टंप से बाहर जा रही गेंदों को छोडऩे का था। मैंने सोचा कि उन्हीं गेंद को हिट करूंगा जो मेरे करीब होंगी। और भाग्यशाली रहा कि जो भी गेंद खेली, वो मेरे करीब थीं। आपको अपना ऑफ-स्ंटप जानना होता है और ऑफ स्टंप के बाहर जा रही गेंदों को छोडऩा होता है।
अपने करियर का दूसरा शतक जडऩे वाले जडेजा ने कहा, इंग्लैंड की परिस्थितियों में गेंद स्विंग करती है इसलिये आपको अपनी बल्लेबाजी में अनुशासन लाना होता है। आपको चौथे और पांचवें स्टंप की ओर जा रही गेंदों को खेलने के लिये चुनना होता है। 40, 50 और 70 रन के स्कोर पर आप अच्छी गेंद पर आउट हो सकते हो।
उन्होंने कहा, मैं सोच रहा था कि अगर मुझे अच्छी गेंद मिलती है तो मैं कुछ नहीं कर सकता लेकिन कम से कम मुझे खराब शॉट खेलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए और बाउंड्री लगाने का प्रयास नहीं करना चाहिए। अगर गेंद मेरी रेंज में आती है तो मैं इसे हिट करूंगा।
सौराष्ट्र के इस आल राउंडर ने कहा कि वह ‘टैग’ में विश्वास नहीं करते। उन्होंने कहा, मैं खुद को कोई ‘टैग’ नहीं देना चाहूंगा। टीम की जरूरत जो भी होगी, मैं उसी के अनुसार खेलने की कोशिश करूंगा। बतौर आल राउंडर ऐसी भी स्थिति आती है जब आपको रन जोडऩे होते हैं और टीम के लिये मैच बचाना या जीतना होता है। उन्होंने कहा, गेंदबाजी में आपसे विकेट लेने की उम्मीद होती है। टीम को जो भी जरूरत होती है, मैं ऐसा करने की कोशिश करता हूं।
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(नईदिल्ली)इंग्लैंड को ऑलआउट करने के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया
नईदिल्ली। दिग्गज हरफनमौला रविन्द्र जडेजा (104) की शतकीय पारी के बाद भारतीय कप्तान जसप्रीत बुमराह के बल्ले और गेंद से कमाल के दम पर भारत ने पांचवें क्रिकेट टेस्ट के बारिश से प्रभावित दूसरे दिन शनिवार को यहां पहली पारी में इंग्लैंड के पांच बल्लेबाजों को पवेलियन भेजकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली. बुमराह ने नाबाद 31 रन की पारी के दौरान बल्ले से एक ओवर में 29 रन बनाने का रिकॉर्ड कायम किया और फिर इंग्लैंड के शुरूआती तीनों विकेट झटके, जिससे मेजबान टीम ने दिन का खेल खत्म होने तक 27 ओवर में 84 रन पर पांच विकेट गंवा दिये.
स्टंप्स के समय जॉनी बेयरस्टो (12) के साथ कप्तान बेन स्टोक्स (शून्य) क्रीज पर मौजूद थे. भारत ने पहली पारी में 416 रन बनाये जिससे इंग्लैंड की टीम अब भी 332 रन पीछे है.
इंग्लैंड प्लेइंग: एलेक्स लीज़, जैक क्रॉली, ओली पोप, जो रूट, जॉनी बेयरस्टो, बेन स्टोक्स (कप्तान), सैम बिलिंग्स (विकेटकीपर), मैटी पॉट्स, स्टुअर्ट ब्रॉड, जैक लीच, जेम्स एंडरसन
इंडिया प्लेइंग: शुभमन गिल, चेतेश्वर पुजारा, हनुमा विहारी, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, जसप्रीत बुमराह (कप्तान)

अगर टीम इंडिया वापसी कर सकती है तो हम भी ऐसा ही कर सकते हैं : जेम्स एंडरसन
नईदिल्ली। इंग्लैंड के अनुभवी तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन का मानना है कि पांचवें टेस्ट में भारत की मजबूत वापसी से उनकी टीम को भी इसी तरह वापसी का भरोसा मिलेगा. एंडरसन ने साथ ही जोर दिया कि मेहमान टीम आक्रामक खेलना जारी रखेगी. दूसरे दिन के खत्म होने तक इंग्लैंड की आधी टीम पवेलियन लौट चुकी थी और उसका स्कोर पांच विकेट पर 84 रन था. इससे वो भारतीय टीम से अब भी 332 रन से पिछड़ रही है. भारतीय टीम भी शुरूआती दिन कुछ इसी तरह की स्थिति में थी और उसका स्कोर पांच विकेट पर 98 रन था.
एंडरसन ने दूसरे दिन के खेल के बाद कहा, हम भी उनकी तरह की स्थिति में हैं जिससे हमें भरोसा है कि हम भी ऐसा ही कुछ कर सकते हैं.
भारत के लिए रिषभ पंत (146) और रविंद्र जडेजा (104) ने शतक जडक़र और छठें विकेट के लिये 222रन की साझेदारी निभाकर पहली पारी में 416 रन बनाने में मदद की.
एंडरसन ने कहा, हमें निचले क्रम में अपना काम करना है, हमें कुछ बड़ी भागीदारियां करनी होंगी और भारत पर दबाव बनाना होगा. और हमारा सबसे बेहतर ‘डिफेंस’ आक्रमण करना होगा.
पिछले महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट में कप्तान बेन स्टोक्स और जॉनी बेयरस्टो ने इंग्लैंड को इस तरह की मुश्किल स्थिति से बाहर निकाला था.
एंडरसन ने कहा, पिछले कुछ हफ्तों में हम इसी तरह की मुश्किल परिस्थिति में थे और हमने जिस तरह से तब प्रतिद्वंद्वी टीम को दबाव में लाने की कोशिश की थी, उसी तरह यहां भी करेंगे.  हम स्केार बनाना चाहते हैं और मैच को आगे बढ़ाना चाहते हैं. हम यही करने की कोशिश करेंगे.
एंडरसन ने 60 रन देकर पांच विकेट झटके थे. लेकिन उन्होंने माना कि पंत की शानदार पारी ने लय भारत के पक्ष में कर दी. उन्होंने कहा, मुझे वास्तव में लगा कि हमने कल सुबह और दोपहर में काफी अच्छी गेंदबाजी की थी. लेकिन पंत फिर शानदार पारी खेली. वो काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी है, वह सभी तरह के शॉट खेलता है और वह इन्हें खेलने में जरा भी हिचकता नहीं है इसलिए उसे गेंदबाजी करना मुश्किल है.
फिर कप्तान जसप्रीत बुमराह ने स्टुअर्ट ब्राड पर 29 रन जोडक़र एक ओवर में सबसे ज्यादा रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड बना दिया. ब्राड ने इस ओवर में अतिरिक्त सहित कुल 35 रन दिये.
एंडरसन ने कहा, सामान्य दिन में इस तरह के शॉट में गेंद बल्ले से छूकर फील्डर के हाथों में चली जाती है और अगर ऐसा होता तो कोई भी इस ओवर के बारे में बात नहीं करता. लेकिन यह ओवर जिस तरह से गया, मुझे लगता है कि यह काफी दुर्भाग्यशाली रहा. कभी कभार शीर्ष क्रम के बल्लेबाज को गेंदबाजी करना आसान हो सकता है. लेकिन पुछल्ले गेंदबाजों के खिलाफ लय हासिल करना थोड़ा पेचीदा हो जाता है.
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जेम्स एंडरसन की टिप्पणी पर रवींद्र जडेजा का करारा जवाब, याद की 2014 की वो घटना
बर्मिंघम । विकेटकीपर बल्लेबाज रिषभ पंत के बाद ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा के शतकीय पारी की बदौलत टीम इंडिया ने इंग्लैंड के खिलाफ एजबेस्टन टेस्ट की पहली पारी में 416 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. मैच के दूसरे दिन जडेजा ने जेम्स एंडरसन के खिलाफ बोल्ड होने से पहले 194 गेंदो पर 104 रनों की शानदार पारी खेली. दिन का खेल खत्म होने के बाद एंडरसन ने जडेजा की शतकीय पारी पर कहा, पहले वो नंबर 8 पर आता था, निचले क्रम के साथ बल्लेबाजी करता था इसलिए उसे अपने हाथ को थोड़ा सा मौका देना पड़ता था, जबकि अब नंबर 7 पर वो एक पूर्ण बल्लेबाज की तरह बल्लेबाजी कर सकता है. वो शुरुआत में अच्छी तरह से गेंद छोड़ता है और हमारे लिए मुश्किल बना देता है.
मैच के बाद के सम्मेलन में एंडरसन की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर जडेजा ने 2014 की घटना को याद किया. देखिए, जब आप रन बनाते हैं, तो हर कोई कहता है कि वो खुद को एक अच्छा बल्लेबाज समझते हैं. लेकिन मैंने हमेशा क्रीज पर खुद को समय देने की कोशिश की है, जो भी क्रीज पर है, उसके साथ साझेदारी करने के लिए, उसके साथ खेलने के लिए. अच्छा हुआ कि एंडरसन ने 2014 के बाद ये समझ लिया.
2014 की सीरीज के दौरान, जिसे ज्यादातर विराट कोहली के खराब इंग्लैंड दौरे के रूप में याद किया जाता है, शुरुआती टेस्ट में विवाद शुरू हो गया था जो दूसरे मैच में जारी रहा जब एंडरसन और जडेजा को मैदान पर भिड़ते देखा गया था जब दोनों टीमों के खिलाड़ी लंच के लिए पवेलियन जा रहे थे. लेकिन वास्तव में ड्रेसिंग रूम के रास्ते में क्या हुआ ये साफ नहीं है.
तब भारतीय टीम के मैनेजर सुनील देव ने टेस्ट मैच खत्म होने के बाद एंडरसन पर जडेजा को गाली देने और धक्का देने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी. एंडरसन पर बाद में लेवल 3 के अपराध का आरोप लगाया गया.
देव ने बताया था, माही [धोनी] और सभी ने शिकायत की थी कि उसने [एंडरसन] उसे [जडेजा] शारीरिक रूप से छुआ और धक्का दिया. ये ड्रेसिंग रूम में हुआ था, ये सिर्फ इसलिए गंभीर मामला है क्योंकि आप किसी को धक्का नहीं दे सकते. इसलिए मैंने मैच रेफरी से शिकायत की.
बर्मिंघम में अपनी पारी पर आगे बोलते हुए, जडेजा ने कहा, इंग्लैंड में आप शरीर के करीब खेलते हैं. गेंद यहां स्विंग होती है इसलिए अगर आप कवर या स्क्वायर ड्राइव खेलना चाहते हैं तो आप बल्ले का किनारा लगा सकते हैं. मेरा ध्यान शुरू में ऑफ स्टंप के बाहर बहुत ज्यादा गेंदों पर नहीं खेलने पर था. जब कवर या प्वाइंट खाली होता है तो उस क्षेत्र से गेंद को बाउंड्री के लिए हिट करने का लालच होता है, लेकिन फिर आप स्लिप में आउट हो सकते हैं.
उन्होंने कहा, मेरा विचार केवल उस गेंद को हिट करने के लिए था जो वास्तव में मेरे करीब थी और इसे सीधे हिट करने का था. सौभाग्य से, मैंने जो भी गेंदें चुनी, वो मेरे एरिया में थीं और उन्हें बाउंड्री में बदल दिया. अगर आप जानते हैं कि आपका ऑफ स्टंप कहां है, तो आप जा सकते हैं उस रेखा के बाहर की गेंदें.

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