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October 21, 2026

फायर वाचरो को नही मिला अभीतक मानदेय

अल्मोड़ा आखरीआंख समाचार )  उत्तराखंड वन आरक्षी, वन वीट अधिकारी संघ की वन प्रभाग शाखा की वन चेतना केंद्र एनटीडी में एक बैठक आयोजित हुई। जिसमें अल्मोड़ा, रानीखेत, सोमेश्वर, द्वाराहाट, जौरासी एवं मोहन रेंज में तैनात वन आरक्षियों आए हुए थे। बैठक में वर्तमान परिस्थितियों में वन आरक्षियों की विविध समस्याओं एवं लंबित मांगों पर विचारकृविमर्श किया गया। बैठक में वक्ताओं ने विचारकृविमर्श कर वन आरक्षियों की समस्याओं के समाधान के लिए उच्च अधिकारियों को सूचित करने का निर्णय लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि फायर सीजन 2019 नजदीक है, जबकि वर्ष 2017 एवं 2018 में अग्नि सुरक्षा कार्य के लिए तैनात फायर वाचरों का भुगतान नहीं हुआ है। ऐसी स्थिति में अग्नि सुरक्षा के लिए फायर वाचर तैनात करने की वन आरक्षियों के समय कठिनाई उत्पन्न हो रही है। उन्होंने फायर वाचरों का लंबित भुगतान यथाशीघ्र करने व फायर वाचरों की तैनाती रेंज अथवा प्रभाग स्तर से किए जाने की मांग की। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में प्रभाग में वन आरक्षियों की कमी होने के कारण एक वन आरक्षी के पास दो तीन वीटों का कार्यभार होने के साथकृसाथ अन्य विभागीय कार्यो का भी उत्तरदायित्व है। उन्होंने वन आरक्षियों द्वारा प्रत्येक बीट में एक दैनिक श्रमिक की तैनाती किए जाने, वनों की आग से सुरक्षा के लिए प्रत्येक वीट में कम से कम दो फायर वाचर रेंज, प्रभाग स्तर से तैनात करने, वन आरक्षियों द्वारा उन्हें प्रत्येक वर्ष नियत समय पर गुणवत्ता युक्त वर्दी गरम ठंडी, जूता, जैकेट आदि देने, विभागीय कार्यो को नियमानुसार, शासन के आदेशों के अनुसार टेण्डर के माध्यम से कराए जाने व वन आरक्षियों द्वारा तीन चार वर्ष अथवा उसे अधिक वर्षो की राजकीय सेवा के उपरांत भी वन आरक्षियों का स्थाईकरण नहीं होने पर रोष प्रकट व्यक्त करते हुए यथाशीघ्र स्थाईकरण करने की मांग की। बैठक की अध्यक्ष हीरा सिंह ने की। बैठक में हरेंद्र सतवाल, वलवंत सिंह भंडारी, ललित मोहन, संजय रावत, गीता गोस्वामी, किरन तिवारी, जगदीश कांडपाल, पूरन नेगी, शंकर सिंह बिष्ट, त्रिभुवन उपाध्याय, रोशन कुमार, राजेंद्र सिंह आदि मौजूद थे।

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